औजला ने सीमावर्ती गांवों का किया दौरा, बांधों की बदहाली, अवैध माइनिंग पर उठाए सवाल

भास्कर न्यूज | अमृतसर कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला शुक्रवार को अजनाला के सीमावर्ती गांवों के दौरे पर निकले और इस दौरान उन्होंने दरिया के बांधों और स्परों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बांधों की खराब हालत और क्षेत्र में कथित अवैध माइनिंग को लेकर पंजाब सरकार तथा संबंधित विभागों को कटघरे में खड़ा किया। सांसद औजला ने चाहड़पुर, कोटला, पंजग्राईं, जट्टा, घोनेवाल, घुमराय, दरिया मूसा, रुडीवाल और धनगई समेत कई सीमावर्ती गांवों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष आई बाढ़ के दौरान इन इलाकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा था, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने समय रहते बांधों और स्परों को मजबूत बनाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। औजला ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों के दौरान बांधों और स्परों की मरम्मत के नाम पर खर्च किए गए फंड की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर हालात सरकारी दावों से मेल नहीं खाते। कई स्थानों पर दरिया का पानी सीधे बांधों के साथ बह रहा है, जिससे बरसात के मौसम में कटाव और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। सांसद ने डी-सिल्टिंग के नाम पर कथित अवैध माइनिंग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अवैध खनन के कारण दरिया का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हो रहा है और इससे आसपास के गांवों के लिए खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय लोगों ने कई बार प्रशासन को शिकायतें दीं, लेकिन कार्रवाई केवल विरोध प्रदर्शन के बाद ही होती दिखाई दी। औजला ने सवाल उठाया कि यदि सब कुछ नियमों के अनुसार हो रहा है तो लोगों को बार-बार सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री पंजाब से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, बांधों की तकनीकी समीक्षा करवाने और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों तथा संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।