50 साल से निष्काम सेवा में जुटे भाई हरभजन, घर से कोई जरूरतमंद खाली हाथ नहीं लौटता

गुरमीत लूथरा न्यू गार्डन कॉलोनी निवासी 73 वर्षीय समाज सेवक भाई हरभजन सिंह 50 साल से निष्काम सेवा कर रहे हैं। अपने दादा स्वर्गीय चौधरी जीवन सिंह से प्रेरित होकर भाई हरभजन सिंह न सिर्फ हर माह लाखों रुपए सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं को डोनेट कर रहे हैं, बल्कि युवाओं को सिखी से जोड़ने के लिए के लिए धार्मिक साहित्य एवं पुस्तकों का ‘मुफ्त लंगर' भी लगा रहे हैं। घर से किसी जरूरतमंद को कभी खाली हाथ नहीं लौटाते। भाई हरभजन सिंह के मुताबिक, उनके दादा स्व. चौधरी जीवन सिंह का जीवन पूरी तरह सेवा और दान को समर्पित था। वह अपना अधिकांश समय नाम-सिमरन और गुरुद्वारा शहीदां व श्री हरमंदर साहिब के लंगर हॉल में सेवा करके बिताते थे। जब 7-8 साल के थे तब दादा उनकी उंगली पकड़कर उन्हें गुरुद्वारा शहीदां ले जाते थे। दादा खुद भी घंटों लंगर सेवा करते थे और उनसे भी करवाते थे। दादा की इसी संगति और प्रेरणा से उनके भीतर सेवाभाव जागा जिसका आज भी अनुसरण कर रहे हैं। पूछने पर उन्होंने सिर्फ इतना बताया कि दान की सूची में श्री सुखमनी साहिब सेवा सोसायटियां, माता कौलां जी अस्पताल, बीबी कौलां जी भलाई केंद्र और दर्जनों अन्य धार्मिक-सामाजिक संस्थाएं शामिल हैं, जिन्हें अपनी जेब और अपनी फर्म ‘भाई चतर सिंह जीवन सिंह' के माध्यम से लाखों रुपए डोनेट करते हैं। भाई हरभजन सिंह ने बताया कि सिख विशेषकर युवा पीढ़ी ज्यादा से ज्यादा संख्या में सिखी और सिख विचारधारा से जुड़ सके, इसके लिए विशेष मुहिम के तहत धार्मिक साहित्य मुफ्त बांटते हैं। इस कार्य में एसजीपीसी के सहयोग से सिख मर्यादा व अन्य धार्मिक सामग्री भी निःशुल्क वितरित करते हैं। गुरुबाणी और गुरु नानक देव जी की बाणी का संदेश घर-घर पहुंचाने के उद्देश्य से जुलाई में चरणजीत कौर गिल के सहयोग से उनकी पुस्तक ‘जपुजी साहिब विचार ते व्याख्या' भी श्रद्धालुओं में पूरी तरह फ्री बांटी जाएगी। भाई हरभजन सिंह जरूरतमंदों और संस्थाओं को मासिक व सालाना कितनी वित्तीय मदद देते हैं, इसका खुलासा उन्होंने नहीं किया। उनका मानना है कि दानी को सदैव गुप्त दान ही करना चाहिए, इसका प्रचार या दिखावा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी के 'तेरा, तेरा, सब तेरा' के फलसफे के तहत हर इंसान को अपनी नेक कमाई का ‘दसवंध' दीन-दुखियों को समर्पित करना चाहिए।