स्ट्रीट डॉग्स की हत्या का विरोध, डॉग्स लवर्स ने भंडारी पुल पर किया प्रदर्शन
- Neha Gupta
- Jun 14, 2026
भास्कर न्यूज | अमृतसर शहर में स्ट्रीट डॉग्स के साथ क्रूरता और हत्याओं के खिलाफ शनिवार को पशु प्रेमियों ने एकजुट होकर भंडारी पुल पर रोष जताया। कई स्थानीय एनजीओ प्रशासन का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर खींचने के लिए सड़क पर उतरे। डॉग्स लवर अनीत छीना ने बताया कि निगम के साथ मिलकर डॉग्स नियंत्रित करने का काम कर रही हैं। अक्टूबर 2025 से लेकर अब तक करीब 25 हजार डॉग्स स्टरलाइज कर चुकी हैं। 20 हजार डॉग्स के स्टरलाइजेशन का टेंडर हो चुका है। वर्कऑर्डर के बाद काम शुरू करेंगी। पशु प्रेमियों के समर्थन में आई हैं, चूंकि बेजुबान की हत्या कहीं से भी जायज नहीं है। वहीं, एनजीओ आवाज बेसहारा से नीसू, मिशन आगाज संस्था से दीपक बब्बर, डॉ. रुपिंदर, डॉ. समीरा शर्मा हरजीत सिंह व अन्य ने कहा कि सिर्फ आक्रामक बताकर डॉग्स की हत्या कर देना गलत है। बेजुबानों को बचाने के लिए भंडारी पुल पर कुछ दूरी की रैली निकाल शपथ ली। सड़कों पर बेजुबान जानवरों के साथ होने वाली क्रूरता को रोकने के लिए पशु प्रेमियों ने आम जनता को जागरूक करते हुए इंसानों और स्ट्रीट डॉग्स के बीच सुरक्षित माहौल बनाने के टिप्स दिए। डॉग्स से संवाद स्थापित करने का सबसे अच्छा तरीका उन्हें भोजन-पानी देना है। यदि वे अचानक आक्रामक हो जाएं तो उन्हें मारने या डांटने की बजाय फ्रेंडली तरीके से ट्रीट करें। उन पर हावी होने या सीधे उनकी आंखों में घूरकर देखने की गलती न करें, क्योंकि जानवर इसे चुनौती मानते हैं। यदि कोई डॉग भौंक रहा हो या आक्रामक हो, तो कभी भी मुड़कर न भागें। दौड़ने से उनकी शिकारी प्रवृत्ति सक्रिय हो जाती है और वे पीछे पड़ जाते हैं। पत्थर मारने, डंडा दिखाने या जोर से चिल्लाने पर वे अपनी आत्मरक्षा में हमला कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में बिल्कुल शांत और स्थिर खड़े हो जाएं, वे कुछ देर सूंघकर खुद चले जाएंगे। डॉग्स लवर्स ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद स्ट्रे डॉग्स को मैनेज करने की निगम की तैयारी पूरी तरह कागजी साबित हुई है। 20 जनवरी 2026 को निगम के तत्कालीन एडिशनल कमिश्नर ने शहर में फीडिंग पॉइंट बनाने का जो खाका तैयार किया था, वह आज तक जमीन पर नहीं उतर सका है। हेल्थ अफसर शहर में 50 फीडिंग पॉइंट चिन्हित करने के दावे करते हैं, लेकिन ग्राउंड रियलिटी जीरो है। पशुपालन विभाग ने शहर में करीब 40 हजार डॉग्स का डेटा निगम को सौंपा है, जिन्हें व्यवस्थित करना कोई बड़ी बात नहीं है। समाजसेवी दीपक बब्बर ने कहा कि जनवरी में स्ट्रे डॉग्स को लेकर मीटिंग बुलाई गई थी, लेकिन उसके बाद अफसरों ने डॉग्स लवर्स से बात करना भी जरूरी नहीं समझा। डॉग्स लवर्स ने मांग की है कि डॉग्स की हत्या और क्रूरता के जिम्मेदार लोगों की तुरंत पहचान कर उनके खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कड़ी सजा दी जाए। घायल या बीमार आवारा जानवरों के इलाज के लिए सरकारी स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं दी जाए। शेल्टर होम बनाया जाए जिसमें डॉग्स के लिए खाने-पीने से लेकर चिकित्सा व अन्य सुविधाएं हों।

