‘भारत जोड़ो यात्रा' से हुए थे प्रभावित , बोले -राहुल गांधी को पीएम बनते देखना चाहता हूं

भास्कर न्यूज | अमृतसर जब दोपहर की तपिश लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर कर देती है, तब सुल्तानविंड गांव के 77 वर्षीय बाबा गुरमुख सिंह अपने घर की छत पर धूनी की आग के बीच नंगे धड़ बैठ जाते हैं। पिछले 15 मई से वह रोजाना दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक यह तप कर रहे हैं और 16 जून को उनका संकल्प पूरा होगा। मेहनत-मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले बाबा गुरमुख सिंह का कहना है कि वह जीते जी राहुल गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं। उनका कहना है कि वह राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से प्रभावित हुए थे। यह यात्रा 7 सितंबर 2022 को कन्याकुमारी से शुरू होकर 30 जनवरी 2023 को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में समाप्त हुई थी। बाबा का कहना है कि तभी उन्होंने मन में संकल्प लिया था कि वह राहुल गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं। उन्हें लगा कि लोगों को जोड़ने की सोच रखने वाले व्यक्ति को देश का नेतृत्व मिलना चाहिए। वह 2027 में पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनने की भी कामना करते हैं। बाबा का कहना है कि उनका संकल्प केवल राजनीतिक इच्छा तक सीमित नहीं है। वह देश और दुनिया में शांति और भाईचारे की प्रार्थना भी कर रहे हैं। खास बात यह है कि तप पूरा करने के बाद भी वह तुरंत पंखे के नीचे नहीं बैठते। उनका दावा है कि वह करीब दो घंटे तक सामान्य वातावरण में रहते हैं और इसके बाद गर्म पानी पीते हैं। करीब एक महीने से जारी इस क्रम को उन्होंने बिना नागा निभाया है। बाबा के घर आने वाले लोगों का परिवार आदर-सत्कार करता है। उनके बेटे ने भी घर पहुंचे लोगों को पानी पिलाकर सेवा की। बाबा गुरमुख सिंह का यह अनोखा संकल्प अब इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। बाबा गुरमुख सिंह ने कहा कि मेरी उम्र 77 साल है। मैं मेहनत-मजदूरी करता हूं। मेरी इच्छा है कि जीते जी राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनते देखूं। साथ ही मैं देश और दुनिया में अमन-शांति चाहता हूं।