बॉर्डर बेल्ट में हीट स्ट्रेस, नशा और गैंग नेटवर्क का खतरनाक मेल; छोटी-छोटी रंजिश गोलीबारी-कत्ल तक पहुंच रही
- DSS Admin
- Jun 15, 2026
संजय तिवारी सीमा से सटे अमृतसर में तापमान बढ़ने के साथ अपराध का ग्राफ भी लगातार ऊपर जा रहा है। बीते 2 साल और 2026 के शुरुआती 5 महीने 10 दिन के अपराध रिकॉर्ड, पुलिस एफआईआर, गैंगवार, फायरिंग और हत्या के मामलों के विश्लेषण में सामने आया है कि अप्रैल से जून के दौरान जिले में हिंसक अपराधों में उछाल आता है। भास्कर रिसर्च में सामने आया कि गर्मियों में गैंगस्टर फायरिंग और रंगदारी के मामले सर्दियों के मुकाबले 81% तक बढ़ गए, जबकि हत्या और हत्या की कोशिश के मामलों में 72% और अपहरण व लापता मामलों में 48% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मई और जून में सबसे ज्यादा फायरिंग, गैंगवार और हिंसक घटनाएं सामने आईं। अत्यधिक गर्मी के दौरान शरीर में तनाव हार्मोन तेजी से बढ़ते हैं। इसका सीधा असर व्यक्ति के व्यवहार पर पड़ता है। हीट स्ट्रेस के कारण चिड़चिड़ापन, गुस्सा और आक्रामक प्रतिक्रिया बढ़ जाती है। कई बार छोटी बहस भी हिंसक झगड़े में बदल जाती है। गर्मी का असर नशे के आदी और मानसिक तनाव से गुजर रहे लोगों पर ज्यादा दिखाई देता है। ऐसे लोग अचानक हिंसक व्यवहार कर सकते हैं। लगातार गर्मी और नींद पूरी न होने से भी मानसिक संतुलन प्रभावित होता है। जब तापमान 44-45 डिग्री तक पहुंचता है तो शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन हार्मोन बढ़ते हैं। इससे व्यक्ति जल्दी उत्तेजित होता है और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है। ऐसी स्थिती में गुस्सा आने पर व्यक्ति को तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए। 10 सेकंड रुकने की आदत कई हिंसक घटनाओं को रोक सकती है।हीट स्ट्रेस में मानसिक संतुलन तेजी से प्रभावित होता है। ऐसे में पानी, आराम और सकारात्मक माहौल बेहद जरूरी है। डॉ. संजीव भल्ला, मनोवैज्ञानिक 3 वर्षों के दौरान अप्रैल से जून के बीच हत्या और हत्या की कोशिश के 93 मामले दर्ज हुए, जबकि नवंबर से जनवरी के दौरान यह आंकड़ा 37 रहा। इसी तरह गैंग फायरिंग और रंगदारी के 59 मामले गर्मियों में सामने आए, जबकि सर्दियों में यह संख्या 17 रही। अपहरण और लापता मामलों में भी गर्मी के दौरान लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वर्ष 2024 से 2026 के बीच अप्रैल से जून अवधि में कुल 158 मामले सामने आए, जबकि सर्दियों में 85 केस दर्ज हुए। महिला अपराध, नशा तस्करी और अवैध हथियारों की बरामदगी में भी गर्मी के दौरान लगातार उछाल देखने को मिला। पुलिस रिकॉर्ड और अपराध ट्रेंड के अध्ययन में सामने आया कि मई-जून में तापमान 43 से 45 डिग्री तक पहुंचते ही रोड रेज, पड़ोसी विवाद, गैंग टकराव, शराब के नशे में झगड़े और अचानक हिंसक घटनाओं में तेजी आ जाती है। बॉर्डर बेल्ट में पहले से सक्रिय नशा, हथियार सप्लाई और गैंग नेटवर्क इस स्थिति को और खतरनाक बना रहे हैं।

