आईसीयू और वेंटिलेटर सुविधाएं मिलेंगी, सरकार को भेजी जा चुकी मेडिकल उपकरणों की लिस्ट

भास्कर न्यूज | अमृतसर सिविल अस्पताल में गंभीर मरीजों के इलाज के लिए 77 बेड का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाया जा रहा है। जिला स्तर पर गंभीर मरीजों को आधुनिक इलाज देने के मकसद से जुलाई 2025 में शुरू हुए प्रोजेक्ट का काम 11 माह में केवल 28% ही पूरा हो पाया है। पंजाब हेल्थ सिस्टम्स कॉर्पोरेशन की ओर से यह काम पीडब्ल्यूडी को सौंपा गया है, जिसने टेंडर के जरिए एक निजी कंपनी को निर्माण आवंटित किया है। काम की रफ्तार धीमी है इसलिए डेडलाइन फरवरी 2027 तक काम पूरा होना मुश्किल है। पीडब्ल्यूडी के जेई अमन सिंह ने बताया कि परियोजना को फरवरी 2027 तक पूरा कर अस्पताल प्रशासन को सौंपने का टारगेट है। क्रिटिकल केयर ब्लॉक के लिए परिसर में स्थित पुरानी लॉन्ड्री, सेवा केंद्र और कुछ पुराने ढांचों को हटाया जा रहा है। करीब 4,534.88 वर्ग मीटर (1.12 एकड़) क्षेत्र में 4 मंजिला बिल्डिंग तैयार होगी। परिसर में 75 वाहनों की पार्किंग, एंबुलेंस के लिए अलग रैंप, मेडिकल गैस (ऑक्सीजन) सिस्टम, एसी और बिजली के लिए सब-स्टेशन का अलग स्थान होगा। हालांकि प्रोजेक्ट को लेकर निर्माण की गति भी चर्चा का विषय है। प्रोजेक्ट का केवल 28 प्रतिशत काम पूरा होना दर्शाता है कि अभी काफी काम बाकी है। ऐसे में फरवरी 2027 तक काम पूरा करना चुनौतीपूर्ण रहेगा। वहीं सिविल अस्पताल की एसएसओ डॉ. प्रीतवीन कौर और एसएमओ डॉ. रजनीश कुमार शर्मा ने बताया कि क्रिटिकल केयर ब्लॉक में सड़क हादसों के घायलों और हार्ट अटैक मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था होगी। ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू के लिए वेंटिलेटर, मॉनिटरिंग सिस्टम व जीवन रक्षक मशीनों की सूची पहले ही सरकार को भेजी जा चुकी है। सीमावर्ती जिला होने के कारण यहां सड़क हादसों, हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मरीज बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। पर्याप्त व्यवस्था न होने से इन्हें जीएनडीएच रेफर करना पड़ता है। अजनाला, अटारी, लोपोके, रमदास के मरीज भी जीएनडीएच रेफर होते हैं जिससे वहां आईसीयू बेड और डॉक्टरों पर भारी दबाव रहता है। एसएमओ डॉ. रजनीश शर्मा का मानना है कि सिविल में क्रिटिकल केयर ब्लॉक शुरू होने से जीएनडीएच का बोझ घटेगा।