मोबाइल देखने से डाउन होती है ‘दिमाग की बैटरी’ मैदान में खेलने से होगी सुपर-चार्ज: साध्वी मनेन्द्रा

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आयोजित किए जा रहे समर उत्सव के तहत 6 से 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए एक विशेष जागरूकता एवं मनोरंजक सत्र का आयोजन किया गया। इसमें साध्वी मनेन्द्रा भारती ने बच्चों को आज के डिजिटल युग में स्क्रीन के संतुलित उपयोग और वास्तविक जीवन के महत्व को रोचक गतिविधियों, रचनात्मक सत्रों, इनडोर गेम्स एवं ब्रेन बज़र प्रतियोगिताओं के माध्यम से समझाया। साध्वी ने बच्चों को उनकी अपनी सरल भाषा में ‘स्क्रीन वर्ल्ड बनाम रियल वर्ल्ड’ की अवधारणा से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि स्क्रीन वर्ल्ड- जैसे मोबाइल गेम्स, कार्टून और वीडियो प्लेटफॉर्म, एक ऐसी दुनिया है जहां हम केवल देख सकते हैं, लेकिन वहां के किरदारों से न तो बातचीत कर सकते हैं और न ही उनके साथ वास्तविक अनुभव साझा कर सकते हैं। वहीं रियल वर्ल्ड में परिवार और दोस्तों के साथ बिताए पल, खेल-कूद और हंसी-मजाक जैसे अनुभव जीवन में सच्ची खुशी और अपनापन प्रदान करते हैं। बच्चों को ‘दिमाग की बैटरी’ का रोचक उदाहरण देकर समझाया गया कि जब वे मैदान में खेलते हैं, कुछ नया सीखते हैं, चित्र बनाते हैं, रचनात्मक कार्य करते हैं या दोस्तों के साथ समय बिताते हैं, तो उनके दिमाग की बैटरी सुपर-चार्ज होती है। लगातार मोबाइल और स्क्रीन देखने से मानसिक ऊर्जा कम हो सकती है।