अमृतसर में 88.79% मतदाताओं की 2003 सूची से मैपिंग पूरी:25 जून से बीएलओ करेंगे घर-घर जाकर सत्यापन

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा पंजाब में मतदाता सूचियों को अद्यतन और शुद्ध बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन- एसआईआर) चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि को दूर करना है। 88.79 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अमृतसर दलविंदरजीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार जिले में प्री-एसआईआर के तहत मतदाताओं की मैपिंग का कार्य तेजी से जारी है। उन्होंने बताया कि जिले के कुल 19 लाख 73 हजार 71 मतदाताओं में से 17 लाख 51 हजार 918 मतदाताओं की वर्ष 2003 की मतदाता सूची के साथ सफलतापूर्वक मैपिंग कर ली गई है, जो कुल मतदाताओं का 88.79 प्रतिशत है। 25 जून से 24 जुलाई तक घर-घर सत्यापन उन्होंने बताया कि अभी 2 लाख 21 हजार 153 मतदाता ऐसे हैं जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई है। इन सभी मतदाताओं को कवर करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि एसआईआर के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 25 जून 2026 से 24 जुलाई 2026 तक सभी बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य करेंगे। इसी अवधि के दौरान मतदान केंद्रों का युक्तिकरण भी पूरा किया जाएगा। 28 सितंबर तक दावों का निपटारा, 1 अक्टूबर को अंतिम सूची उन्होंने आगे बताया कि मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन 3 अगस्त 2026 को किया जाएगा। इसके बाद 3 अगस्त से 2 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। दावों और आपत्तियों का निपटारा 28 सितंबर 2026 तक किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 1 अक्टूबर 2026 को होगा। राजनीतिक दलों से बीएलए नियुक्त करने की अपील दलविंदरजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं की प्री-एसआईआर के दौरान मैपिंग नहीं हो पाई है, उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मामलों में निर्वाचन अमला केवल आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन करेगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से भी अपील की कि वे अपने बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करें ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।