बारिश से बचने को साइड में रुके, ऊपर से गिरी दीवार, मौत

भास्कर न्यूज | अमृतसर वीरवार को दिनभर धूप के बाद शाम को मौसम ने अचानक करवट ली और आंधी ने खूब तबाही मचाई। शहर के साथ जिले के ग्रामीण इलाकों में भी खूब नुकसान हुआ। मौसम विभाग के अनुसार शाम 5.50 बजे 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने अपना रौद्र रूप दिखाया। आंधी के कारण शहर के कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कहीं क्रेन गिरी तो ​कहीं दीवारें, वहीं अनगिनत पेड जड़ से उखड़ गए। इसके अलावा पावरकॉम को भी ट्रांसफार्मर- पोल गिरने और तारें टूटने से करोड़ों का नुकसान होने की संभावना है। वहीं जिले के 180 से ज्यादा गांवों और शहर के कई इलाकों में रात एक बजे तक बिजली बंद रही। वहीं नमक मंडी इलाके में एक पुराने मंदिर की जर्जर दीवार गिरने से मलबे में दबकर एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं आंधी के चलते क्वींस रोड पर निर्माणाधीन रिची होटल में भारी क्रेन गिरने से बिजली के 2 पोल और तारें टूट गईं। राहत की बात यह रही कि घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। लोहगढ़ गेट के निकट हिंदुस्तानी बस्ती के सामने लगभग 80 वर्ष पुराना विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर गिर गया। थाना बी-डिवीजन के अधीन आते नमक मंडी में आंधी और बारिश के चलते एक पुराने मंदिर की छत पर बनी दीवार गिरने से 70 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई। मलबे की चपेट में आने से एक युवक की टांग में फ्रैक्चर हो गया जिसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घटना शाम करीब 6 बजे की है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने अभी मृतक की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है, मगर मृतक मजीठा रोड इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। बुजुर्ग किसी काम से नमक मंडी आया था। बताया जा रहा है कि आंधी और बारिश शुरू होने के दौरान बुजुर्ग गली के एक किनारे खड़े थे। इसी दौरान मंदिर की छत पर बनी 6 फुट ऊंची दीवार गिर गई। बुजुर्ग को संभलने का मौका नहीं मिला और मलबे के नीचे दब गए। इलाके के दुकानदार बबले ने बताया कि मंदिर की इमारत काफी पुरानी है और छत पर बनी दीवार भी लंबे समय से जर्जर हालत में थी। पहले भी कई बार मंदिर प्रबंधकों को दीवार गिराने या मरम्मत कराने के लिए कहा गया था लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, वीरवार को अधिकतम पारा 39 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री दर्ज किया गया। शाम को 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली और 28 एमएम बारिश दर्ज की गई। विभाग ने 11 से 14 जून तक बादल छाए रहने, बारिश या बौछारें पड़ने तथा तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के डायरेक्टर सुरिंदरपाल के अनुसार फिलहाल पंजाब में जो गतिविधियां देखने को मिल रही हैं, वो प्री-मानसून का हिस्सा हैं। गरज-चमक, तेज हवाएं और रुक-रुक कर होने वाली बारिश इसी का प्रभाव हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है और यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो अगले कुछ दिनों में उत्तर भारत की ओर इसकी प्रगति तेज हो सकती है। हालांकि पंजाब में मानसून के प्रवेश को लेकर अभी कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय बना रहेगा और लोगों को जारी चेतावनियों पर ध्यान देते हुए सतर्क रहना चाहिए। वीरवार शाम आंधी के कारण अमृतसर में 220 केवी फतेहगढ़ चूड़ियां लाइन का टावर टूट गया। इसके चलते अजनाला, दयालभडंग और फतेहगढ़ चूड़ियां सब-स्टेशनों से जुड़े करीब 180 गांवों की बिजली बंद हो गई। वहीं सिटी और सबअर्बन सर्किल के सभी बिजली घरों को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया। आंधी के चलते शहर और गांवों में कई पेड़ों की टहनियां बिजली लाइनों पर गिरने से ट्रांसफार्मर, पोल और तारों को भारी नुकसान पहुंचा। रणजीत एवेन्यू, छेहर्टा, वेरका, अजनाला रोड, बटाला रोड, गुमटाला, गोपाल नगर, न्यू अमृतसर और माल मंडी समेत कई इलाकों में पेड़ और होर्डिंग्स बिजली लाइनों व ट्रांसफार्मरों पर गिरने से पोल और तार टूट गए। पावरकॉम को करोड़ों रुपए का नुकसान होने की संभावना है। अंधेरे और दिक्कतों के बावजूद पावरकॉम के कर्मचारी बिजली चालू करने के देर रात तक काम में जुटे रहे। कई इलाकों में रात एक बजे तक बिजली चालू नहीं हो पाई थी। आंधी से क्वींस रोड पर निर्माणाधीन होटल की क्रेन गिरकर सड़क पार दुकान पर अटक गई। अगर क्रेन ट्रैफिक पर गिरती तो जानें जा सकती थीं।