मानसून सिर पर:नगर निगम की तैयारियां सिर्फ कागजों में, पैदल चलना भी हुआ दूभर, फैल रही बीमारियां

भास्कर न्यूज | अमृतसर नगर निगम की ओर से मानसून से निपटने के तमाम दावों और तैयारियों की जमीनी हकीकत देखनी हो, तो वेस्ट हलके के अधीन आते वार्ड नंबर 71 और 72 का रुख किया जा सकता है। इन दोनों वार्डों के अंतर्गत आने वाली दर्जनों गलियां पिछले 15 दिनों से पूरी तरह दलदल में तब्दील हो चुकी हैं। सीवर व्यवस्था पूरी तरह ठप होने के कारण बदबूदार और काला पानी सड़कों व गलियों में जमा है, जिससे स्थानीय निवासियों का घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। गंदे पानी के कारण सड़कों के गहरे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे लोग आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इस गंभीर स्थिति का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि जहां जनता इस नरकीय जीवन को जीने पर मजबूर है, वहीं से महज चार कदम की दूरी पर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) के पार्षद शमशेर सिंह का घर और मुख्य दफ्तर स्थित है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आम जनता की पुकार सुनना तो दूर, प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह है कि खुद सत्ताधारी दल के पार्षद की भी निगम अधिकारियों के आगे कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मेयर जतिंदर सिंह भाटिया ने कहा कि वेस्ट हलके के वार्ड 71 और 72 में सीवर जाम और टूटी सड़कों के कारण आ रही दिक्कतें मेरे संज्ञान में आई हैं। संबंधित अधिकारियों को तुरंत एक्शन लेने और मौके पर मशीनें भेजने के निर्देश जारी किए जा रहे हैं। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वार्ड 72 से कांग्रेस पार्षद अवतार सिंह ने अवतार सिंह ने कहा कि मौजूदा सरकार में जनता और जनप्रतिनिधियों दोनों का बुरा हाल है। सीवर जाम की इस गंभीर समस्या को लेकर मैं खुद नगर निगम के अधिकारियों से कई बार शिकायत कर चुका हूं। जल्द ही मौके पर मशीनें लगवाकर लोगों को इस नरक से निजात दिलाऊंगा। वार्ड 71 से पार्षद शमशेर सिंह ने बताया कि वार्ड में सीवर जाम और सड़कों की समस्या संबंधी निगम के उच्च अधिकारियों से कई बार लिखित और मौखिक शिकायत कर चुका हूं, लेकिन अफसरों की तरफ से कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मैं लगातार प्रयास कर रहा हूं और जल्द से जल्द सुपर सकर मशीनें लगवाकर इसका स्थाई समाधान करवाया जाएगा। पार्षद के घर के बाहर जमा गंदा पानी। गुरु नानकपुरा गली नंबर 8 में जमा पानी। गली में जमा पानी के निकलता दिव्यांग। स्थानीय निवासी रीता ने बताया कि जिस गली में सीवर का गंदा पानी भरा है, उसमें सबसे पहला घर मेरा ही है। लगातार बदबू और गंदे पानी के संपर्क में रहने के कारण मैं खुद बीमार हो चुकी हूं, बच्चों के स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। स्थानीय निवासी ललित ने कहा कि पिछले 15 दिनों से इलाके में नरक जैसी स्थिति बनी हुई है। बदबू के कारण घरों में बैठना तक मुहाल है। बार-बार शिकायत के बाद भी प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। संजीव कुमार ने बताया कि गलियों और दुकानों के आगे हफ्तों से गंदा पानी जमा होने के कारण हमारी दुकानदारी पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुंच गई है। बदबू और गंदगी के कारण ग्राहक आने से कतराते हैं, जिससे अब घर चलाना भी मुश्किल हो रहा है।