चक्क सिकंदर मंडी में गेहूं घोटाला, आढ़ती ने पनसप का 2550 ​क्विंटल गेहूं किया गायब

भास्कर न्यूज | अमृतसर थाना झंडेर के अधीन आती दाना मंडी चक्क ​सिकंदर में गेहूं घोटाले का मामला सामने आया है। मंडी में पनसप एजेंसी के जरिए खरीदा गया 65,91,750 की कीमत का कुल 5100 बोरी (वजन 2550 क्विंटल) गेहूं खुर्द-बुर्द कर दिया गया है। इस धोखाधड़ी को अंजाम देकर आरोपी आढ़ती फरार हो चुका है, जिसके खिलाफ अब लुकआउट नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है ताकि वह देश छोड़कर भाग न सके। आरोपी की पहचान इमैनुअल मसीह निवासी बोहड़वाला रमदास के रूप में हुई है। पुलिस ने पनसप के जिला मैनेजर दीपक स्वर्ण की शिकायत पर आरोपी आढ़ती के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं केस दर्ज किए जाने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे है। आप नेता वरुण भगत ने इस दर्ज केस की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। डीएम दीपक स्वर्ण ने पुलिस की दी शिकायत में कहा कि रबी सीजन 2026-27 के दौरान चक्क सिकंदर मंडी का काम पनसप एजेंसी को अलॉट हुआ था, जहां इंस्पेक्टर मनजीत सिंह को खरीद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मंडी में मेसर्स चीडा ट्रेडिंग कंपनी के मालिक इमैनुएल मसीह ने 18 अप्रैल से 4 मई 2026 के बीच कुल 5100 बोरी गेहूं की खरीद दिखाई। सरकार की तरफ से इसके बदले 2,585 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से पूरी एमएसपी (एमएसपी) भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। आरोपी आढ़ती इमैनुएल मसीह ने भी शिकायत की कि उसे ट्रक नहीं मिल रहे हैं, जिसके बाद इंस्पेक्टर ने उसे विशेष रूप से ट्रक मुहैया करवाए। 5 मई को 700 बोरी और 7 मई को ट्रक के जरिए 600 बोरी गेहूं का गेट पास काटा गया। लेकिन जब मिलान किया गया तो पता चला कि वरपाल ओपन प्लिंथ गोदाम में यह गेहूं पहुंचा ही नहीं। इंस्पेक्टर ने जब आढ़ती से सख्ती से पूछा तो वह टालमटोल करने लगा। शक होने पर जब पूरी चक्क सिकंदर मंडी का फिजिकल वेरिफिकेशन (पीवी) की गई, तो बाकी सभी आढ़तियों का गेहूं पूरा मिला, लेकिन आरोपी आढ़ती के स्टॉक से पूरी 5100 बोरियां गायब थीं। आप नेता वरुण भगत ने उच्चाधिकारियों को शिकायत करके मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। क्योंकि आढ़ती अकेला इतने बड़े घोटाले को अंजाम नहीं दे सकता है। गोदामों से अगर जब भी कोई गेहूं निकलता है तो उस दौरान विभाग के इंस्पेक्टर भी वहां मौजूद होते है और उनमें सारी कागजी कार्रवाई भी होती है, तो ऐसे में क्या विभाग की ओर से कोई कागजी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि उनकी कागजी कार्रवाई के बिना गोदाम से एक गेहूं की बोरी भी बाहर नहीं निकल सकती तो इतनी बड़ी संख्या में बोरियां कैसे निकल गई। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जांच करवाकर अन्य आरोपियों को भी बेनकाब किया जाए। घोटाला उजागर होते ही जब पनसप इंस्पेक्टर मंडी प्रधान को साथ लेकर तड़के आरोपी के पैतृक गांव बोहड़वाला (रामदास) स्थित घर पहुंचे, तो वहां उसकी भाभी मिली। उसने बताया कि आरोपी काफी समय से परिवार से अलग होकर शहर में रह रहा है। जब आरोपी की पत्नी का मोबाइल नंबर लेकर संपर्क करने की कोशिश की गई, तो आरोपी और उसकी पत्नी दोनों के फोन बंद आ रहे हैं। पनसप के जिला मैनेजर की लिखित शिकायत के बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए केस दर्ज कर लिया है। पनसप विभाग ने पंजाब सरकार के वित्तीय हितों की रक्षा और रिकवरी के लिए आरोपी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की मांग की है। इसके साथ ही विभाग अपने स्तर पर ‘मनी ट्रेल' (पैसों के लेन-देन) को फॉलो कर रहा है ताकि आरोपी की रकम और बैंक खातों को तुरंत फ्रीज करवाया जा सके। थाना झंडेर के प्रभारी सतनाम सिंह का कहना है कि एलओसी जारी करने की कार्रवाई जारी है, जल्द ही यह कार्रवाई पूरी करके सभी एयरपोर्ट पर एलओसी भेज दी जाएगी।