बठिंडा में किसानों का केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन:बिजली-बीज बिल और मनरेगा का विरोध, सड़कों पर उतरे 90 संगठन

बठिंडा में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज विभिन्न किसान संगठन केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यह प्रदर्शन जिला मुख्यालय पर एक बड़ी सभा के रूप में आयोजित किया जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के जिला अध्यक्ष शिंगारा सिंह मान ने बताया कि केंद्र सरकार इस सत्र में 2026 का बिजली बिल और बीज बिल पास करने की तैयारी में है। इसके साथ ही मनरेगा को खत्म किया जा रहा है, जबकि पुराने मनरेगा को बहाल करने की मांग है। उन्होंने यह भी बताया कि जेल में बंद किसान साथियों की रिहाई भी उनकी प्रमुख मांगों में से एक है। शिंगारा सिंह मान ने चेतावनी दी कि यदि बिजली अधिनियम पारित हुआ तो लोगों के घरों में अंधेरा छा जाएगा। इसलिए उनकी मांग है कि 2003 का बिजली अधिनियम रद्द कर 1948 वाला बहाल किया जाए। इस विरोध प्रदर्शन में पंजाब के 90 संगठन शामिल हैं, जो लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाना उद्देश्य दूसरी ओर, हेल्थ डिपार्टमेंट ऑर्गेनाइजेशन के नेता अमनदीप सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों के समय किसानों से बिजली बिल पर बात करने का वादा किया था। लेकिन बिना किसी परामर्श के यह बिल लाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह ड्राफ्ट लोगों का गला घोंटने वाला है और इसका उद्देश्य अडाणी और अंबानी जैसे बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाना है।