अबोहर में वकीलों ने दिया धरना:बार एसोसिएशन प्रधान पर चेंबर आवंटन में भ्रष्टाचार का आरोप, बोले- नहीं बरती गई पारदर्शिता, जाएंगे हाईकोर्ट

अबोहर तहसील परिसर में बार एसोसिएशन के वकीलों का धरना शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। वकील नवनिर्मित चैंबरों के आवंटन में कथित भ्रष्टाचार को लेकर बार एसोसिएशन के प्रधान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस धरने में महिला वकीलों ने भी शिरकत की। 10 जनवरी को शुरू हुआ यह धरना भीषण ठंड के बावजूद बार एसोसिएशन कार्यालय के बाहर जारी रहा। धरना प्रदर्शन में आनंद मलहोत्रा, विक्रम पवार, राजा मिढा, कृष्ण कुमार, सुनीता रानी, सुखबीर कौर, अनमोल, सोनाली वर्मा, हरीश कुमार, नरोत्तम सियाग, विकास कौशल, अवनीश मुंजाल, चिमन लाल, रिदम वधवा, मुकेश लक्की और रमन सेतिया सहित कई वकील शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधान प्रकाश बराड़ द्वारा अपने चहेतों को चैंबर आवंटित करने का मुद्दा अब केवल आवंटन तक सीमित नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार का मामला बन गया है, जिसकी जानकारी न्यायाधीशों को भी दी गई है। पूर्व प्रधान ने किया धरने पर बैठे वकीलों का समर्थन धरने पर बैठे वकील पूरी रात बार एसोसिएशन कार्यालय में डटे रहे। बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान अमनदीप धालीवाल ने उनका समर्थन किया और उन्हें बार रूम के भीतर प्रवेश दिलाया, जहां उन्होंने रातभर धरना जारी रखा। शनिवार सुबह उन्होंने फिर से बार रूम के बाहर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वकीलों ने बताया कि 107 नए चैंबरों के निर्माण के लिए प्रत्येक वकील से 2 लाख 33 हजार रुपए की राशि एकत्र की गई थी, साथ ही शपथ पत्र भी लिया गया था। 107 चैंबरों में दो-दो वकीलों को जगह आवंटित की गई, जिससे लगभग 210 वकीलों से करोड़ों रुपए की राशि एकत्र हुई। हालांकि, वकीलों का आरोप है कि इतनी बड़ी राशि चैंबरों के निर्माण पर खर्च नहीं हुई और इसका कोई हिसाब भी नहीं दिया गया है। उन्होंने इस निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। चेंबर आवंटन में पारदर्शिता न होने का आरोप इधर, चेंबर आवंटन को लेकर बार एसोसिएशन अबोहर के सेक्रेटरी अमृतपाल सिंह तिन्ना ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि नए चेंबरों का आवंटन पारदर्शी तरीके से नहीं हुआ और न ही इसके लिए कोई कमेटी बनाई गई। उन्होंने कहा कि वे एसोसिएशन का मौजूदा सेक्रेटरी होते हुए भी उन्हें किसी भी कार्य में विश्वास में नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार जिन वकीलों के पास पहले चैम्बर हैं उन्हें नए ब्लॉक में चेंबर नहीं मिल सकते। लेकिन मौजूद प्रधान ने पुराने वकीलों को भी नए ब्लॉक में ग्राउंड फ्लोर पर चैम्बर अलॉट किए हैं। उन्होंने धरनाकारी वकीलों का समर्थन करते हुए कहा कि अगर चेंबरों की अलाटमेंट रद्द करके दुबारा न करवाई गई तो वे इस मामले को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट मेंं याचिका दायर करेंगे।