फाजिल्का कोटे ने हत्या आरोपी को किया बरी:22 महीने जेल में रहा, पड़ासियों से विवाद में गई थी महिला की जान

फाजिल्का की कोर्ट ने हत्या के एक मामले में जेल में बंद एक आरोपी को बरी कर दिया है। 2023 में एक महिला की हत्या के आरोप में दो लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल में बंद दोनों आरोपियों में से एक, गुरविंदर सिंह की तबीयत बिगड़ गई थी। उसे फरीदकोट मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी। वहीं, दूसरे आरोपी हरप्रीत सिंह को फाजिल्का सेशन कोर्ट ने वकीलों की दलीलें सुनने के बाद हत्या के आरोप से बरी कर दिया। हरप्रीत सिंह ने इस मामले में लगभग 22 महीने जेल में बिताए। हरप्रीत सिंह के वकील अशोक कंबोज ने बताया कि, 2023 में गांव इस्लामवाला निवासी हरप्रीत सिंह और उसके दोस्त गुरविंदर सिंह का पड़ोसियों से झगड़ा हुआ था। इस दौरान पड़ोस की एक महिला घायल हो गई थी। थाना आरनीवाला पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दोनों के खिलाफ झगड़े की धाराओं 323 और 458 के तहत मुकदमा दर्ज किया और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। करीब 15 दिन बाद दोनों को जमानत मिल गई थी। डेढ़ महीने बाद हुई थी महिला की मौत हालांकि, लगभग डेढ़ महीने बाद घायल महिला की मौत हो गई। इसके बाद परिवार के बयानों के आधार पर पुलिस ने मामले में धारा 302 (हत्या) जोड़ते हुए दोनों को दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हरप्रीत सिंह ने अपने वकील अशोक कंबोज के माध्यम से कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई। वकील कंबोज ने उनके पक्ष में केस लड़ा, जिसके परिणामस्वरूप अदालत ने हरप्रीत सिंह को हत्या के मुकदमे से बरी कर दिया। बरी हुए हरप्रीत सिंह ने बताया कि इस केस में उनका सह-आरोपी गुरविंदर सिंह जेल में बीमार हो गया था। उसे अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन उसकी मौत हो गई थी। हरप्रीत के वकील अशोक कंबोज ने कहा कि हत्या के मुकदमे में हरप्रीत की हाईकोर्ट से भी जमानत याचिका खारिज हो गई थी, लेकिन फाजिल्का के सेशन अदालत में चले इस केस के दौरान न्यायाधीश अजीतपाल सिंह की अदालत ने इस केस का फाइनल फैसला सुनते हुए हरप्रीत सिंह को बरी कर दिया ।