भाजपा कौंसलर निगम कमिश्नर से बोले- 4 नावें दे दें, ताकि आवाजाही संभव हो
- Neha Gupta
- Jun 13, 2026
भास्कर न्यूज | जालंधर बीते वीरवार रात हुई झमाझम बारिश के बाद शुक्रवार का दिन शहरवासियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। महज कुछ घंटों की बारिश ने जालंधर के बुनियादी ढांचे की पोल खोलकर रख दी। शहर की प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा। हालात इतने बदतर हो गए कि शहर की लाइफलाइन कहे जाने वाले दोमोरिया पुल और इकहरी पुली पर ट्रैफिक पूरी तरह बंद करना पड़ा। सीवरेज लाइनों और सड़कों की समय रहते सफाई न होने का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ा। प्रेस क्लब चौक, वर्कशॉप चौक, गांधी कैंप, गढ़ा रोड, कपूरथला रोड और सुभाना रोड का तो बुरा हाल रहा, जहां पानी कमर तक जमा हो गया। सड़कों पर बने गहरे गड्ढे पानी के कारण अदृश्य हो गए, जिससे दुपहिया वाहन सवार गिरकर चोटिल होते रहे। कई कारें और मोटरसाइकिलें बीच सड़क पर बंद हो गईं, जिससे घंटों जाम की स्थिति बनी रही। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन मानसून की तैयारियों के नाम पर हर साल केवल खानापूर्ति करता है। यदि समय रहते नालियों की सफाई हुई होती, तो आज शहर में यह ‘बाढ़’ जैसे हालात न बनते। सवाल यह है कि स्मार्ट सिटी का सपना दिखाने वाले अधिकारी इस बदहाली की जिम्मेदारी कब लेंगे? चिकचिक चौक से बस्ती अड्डा चौक को जाती रोड पर चर्च के पास खड्डे में फंसी बाइक को निकालते हुए स्थानीय लोग। शहर में जलभराव की समस्या देखकर भाजपा कौंसलर निगम दफ्तर पहुंचे और कमिश्नर संदीप ऋषि के सामने जनसमस्या रखी। नगर निगम के सीवरेज और सफाई व्यवस्था की खुली पोप पर बात की गई। कहा गया कि शहर की मुख्य सड़कों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। भाजपा पार्षद मनजीत सिंह टीटू ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि जब अभी मानसून की औपचारिक शुरुआत भी नहीं हुई है और शहर का यह हाल है, तो आने वाले दिनों में लगातार होने वाली बारिश के दौरान हालात बदतर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि शहर में चर्चा है कि आम आदमी पार्टी के कई हारे हुए उम्मीदवारों की सेवा में 3-3 सीवरमैन तैनात किए गए हैं। इस दौरान एडवोकेट अमित सिंह संधा ने कमिश्नर संदीप ऋषि के समक्ष एक अनोखी लेकिन जमीनी हकीकत बयां करती मांग रखी। उन्होंने कहा कि वेस्ट विधानसभा क्षेत्र के लिए निगम तुरंत 3 से 4 छोटी नावों का प्रबंध करें ताकि आगामी मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति में लोगों की आवाजाही संभव हो।

