भास्कर न्यूज | जालंधर न्यू दशमेश नगर में शुक्रवार रात हुई फायरिंग में इलेक्ट्रीशियन सिमरनजीत सिंह की मौत हो गई,जबकि उसका दुश्मन सौरव जख्मी हुआ है। दशमेश नगर के सौरव के पेट के पास गोली लगी है,उसे नाजुक हालत में प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। देर रात तक पुलिस पूरे घटना की जांच कर रही है। अमन नगर के रहने वाले सिमरनजीत सिंह की करीब 4 साल पहले ईशा से शादी हुई थी। उसका एक डेढ़ साल का बेटा है। सिमरन के शव को सिविल अस्तपताल में रखवा दिया है। पुलिस फरार गुल्लू और पप्पू की तलाश कर रही है,ताकि पूरा मामला क्लियर हो सके। चश्मदीद राजवीर ने बताया कि एक दिन पहले मैं और सिमरनजीत भटूरे खाने गए थे। वहां पर सौरव और उसकी गैंग ने अटैक कर सिमरन को जख्मी कर दिया था। सिविल अस्पताल से ट्रीटमेंट करवा कर पुलिस में शिकायत कर दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया था। रात में वह, सिमरन को पट्टी करवाने और एमएलआर (मेडिको लीगल रिपोर्ट) लेने के लिए दोस्त ललित उर्फ गुल्लू और पप्पू के साथ अलग-अगल बाइक पर घर से सिविल अस्पताल के लिए निकले थे। न्यू दशमेश नगर में सौरव को देख कर गुल्लू ने बाइक रोक ली। हम लोग भी रुक गए। इस दौरान गुल्लू ने डब से पिस्टल निकाल कर सौरव पर गोली चला थी। वह जख्मी होकर गिर गया। इस दौरान समझ में नहीं आया कि गुल्लू ने सिमरन पर गलती से गोली चला दी या फिर साजिश के तहत। सिमरन के गर्दन के पास गोली लगी थी। वह जमीन पर गिर गया। खून रुक नहीं रहा था। पब्लिक दोनों जख्मी को सिविल अस्पताल में लेकर आई। यहां पर थोड़ी देर बाद सिमरन की मौत हो गई,जबकि सौरव बेहोश हो गया। इस लिए सौरव की फैमिली उसे रैफर करवा कर प्राइवेट अस्पताल में ले गई है। देर रात सिविल अस्पताल में आई सिमरन की फैमिली और पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था। घटनाक्रम का चश्मदीद बताने वाले राजवीर जांच के लिए क्राइम सीन पर अपने साथ ले गई है। शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति कितनी नाजुक हो चुकी है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार को शहर में दूसरी बार गोली चलने की घटना सामने आई। दशमेश नगर की इस ताजी वारदात से पहले, शाम के समय किशनपुरा इलाके में भी भारी हड़कंप मच गया था। वहां अज्ञात हमलावरों ने एक कपड़े की दुकान को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। वारदात को अंजाम देने के बाद दुकानदार को एक धमकी भरी कॉल भी आई, जिससे स्थानीय व्यापारियों में भारी दहशत का माहौल है। मुख्यमंत्री के वीवीआईपी दौरे से ठीक 24 घंटे पहले एक ही दिन में दो अलग-अलग इलाकों में सरेआम फायरिंग होना और एक युवक की हत्या हो जाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है।

