फीफा वर्ल्ड कप की शुरूआत पर किया सेलिब्रेशन, खिलाड़ियों ने केक भी काटा

भास्कर न्यूज | जालंधर फीफा वर्ल्ड कप के आगाज के साथ जहां दुनिया भर में फुटबॉल प्रेमियों में उत्साह की लहर है, वहीं गांव रुड़का कलां में भी विश्वस्तरीय महाकुंभ की शुरुआत को अनोखे अंदाज में मनाया गया। यूथ फुटबॉल क्लब रुड़का कलां की तरफ से वाईएफसी जेनरेशन अमेजिंग कम्युनिटी क्लब में उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें करीब 200 खिलाड़ी बच्चों, कोचों और कम्युनिटी सदस्यों ने भाग लिया। समारोह के दौरान बच्चों ने विभिन्न देशों की टीमों का प्रतिनिधित्व करते हुए उनके राष्ट्रीय ध्वज और जर्सियां पहनकर आकर्षक मार्च पास्ट किया। रंग-बिरंगे झंडों और खेल भावना से सराबोर माहौल ने पूरे परिसर को एक छोटे विश्व कप स्टेडियम का रूप दे दिया। बच्चों ने खेलों के माध्यम से एकता, दोस्ती और भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर केक काटकर फीफा वर्ल्ड कप के आगाज का जश्न मनाया गया। बच्चों, कोचों और कम्युनिटी सदस्यों ने मिलकर इस खास पल को यादगार बनाया और आने वाले मुकाबलों के लिए अपना उत्साह व्यक्त किया। समारोह में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई विशिष्ट अतिथि भी शामिल हुए। इनमें प्रोमिता सीता (भारतीय महिला अंडर-20 राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की सहायक कोच और नीता फुटबॉल अकादमी की मुख्य कोच), क्रिसपिन छेत्री (भारतीय महिला राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के मुख्य कोच), निवेथा (भारतीय महिला अंडर-20 टीम की सहायक कोच), जोआकिम अलेक्जेंडरसन (स्वीडन के फुटबॉल विकास विशेषज्ञ, जो कोच शिक्षा, ग्रास रूट फुटबॉल विकास और अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं से जुड़े रहे हैं) तथा विवेक नागुल (हेड ऑफ कोच डेवलपमेंट) ने बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें खेलों के माध्यम से अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। प्रधान गुरमंगल दास सोनी ने कहा कि जेनरेशन अमेजिंग कम्युनिटी क्लब फुटबॉल की उस ताकत का प्रतीक है, जो युवाओं को जोड़ती है, उन्हें नई दिशाएं देती है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि फीफा वर्ल्ड कप की विरासत आज भी रुड़का कलां जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान कर रही है। गुरमंगल दास सोनी ने कहा कि यह केवल एक खेल केंद्र नहीं, बल्कि युवाओं के विकास, शिक्षा, नेतृत्व क्षमता, स्वास्थ्य और सामाजिक भागीदारी का केंद्र भी है। यहां प्रतिदिन ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों और युवाओं को खेलों के माध्यम से सीखने, अपनी प्रतिभा निखारने और अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिलता है।