कामाख्या देवी मंदिर में भक्तों ने किया हवन

जालंधर | जय मां बगलामुखी जय मां कामाख्या मां राज राजेश्वरी कामाख्या देवी मंदिर कोट सदीक नजदीक गाखलां पुल धालीवाल में भक्तों की ओर से मां बगलामुखी जी का हवन किया गया। जिसमें पं. अविनाश गौतम और पं. राजेश कौशिक ने वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ भक्तों से हवन कुंड में आहुतियां डलवाई। उन्होंने भक्तों को कहा कि हवन आध्यात्मिक और वैज्ञानिक शुद्धि का पावन माध्यम है। जब हम स्वाहा मंत्र के साथ अग्नि में आहुति देते हैं, तो हम असल में अपने अहंकार, विकारों और नकारात्मकता को ईश्वर को समर्पित करते हैं। हवन कुंड से उठने वाला दिव्य धुआं न केवल पर्यावरण के प्रदूषण और बैक्टीरिया का नाश करता है, बल्कि हमारे अंतःकरण को भी पवित्र बनाता है। प्रबंधकों ने बताया कि 22 से 25 जून तक मां कामाख्या जयंती एवं अंबुवाची मेला श्रद्धापूर्वक मनाया जा रहा है। जिसकी तैयारियां जोरों-शोरों के साथ चल रही है। यहां जितेंद्र सिंह, कन्हैयालाल, जतिन गुलाटी, प्रदीप, जयप्रकाश सनी, ओम प्रकाश व अन्य उपस्थित थे। भास्कर न्यूज | जालंधर कोट सदीक गाखलां पुल धालीवाल स्थित मां राजराजेश्वरी कामाख्या देवी धाम में मां कामाख्या के पावन प्राकट्य दिवस, मां कामाख्या जयंती तथा अंबुवाची मेले के उपलक्ष्य में विशेष हवन-यज्ञ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार 22, 23 और 24 जून को प्रतिदिन शाम 7 बजे से 10 बजे तक हवन-यज्ञ होगा। 25 जून को सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक विशेष हवन निर्धारित किया गया है। इसी दिन शाम 7 बजे से 10 बजे तक मोनू नीलकंठ द्वारा मां कामाख्या के विभिन्न स्वरूपों का प्रदर्शन किया जाएगा। 25 जून को सुबह 10 बजे से मां का गुणगान कार्यक्रम भी रखा गया है, जिसमें भजन गायक राजकुमार सहगल प्रस्तुति देंगे। यहां मुख्य सेवादार विक्रम भसीन, पं. राजेश कौशिक और पं. अविनाश गौतम मौजूद रहेंगे। गुवाहाटी के कामाख्या देवी मंदिर में हर साल जून (आषाढ़) में अंबुवाची मेला आयोजित होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दौरान माता मासिक धर्म चक्र से गुजरती हैं, जिससे तीन दिनों तक मंदिर के कपाट बंद रहते हैं। चौथे दिन कपाट खुलने पर विशेष प्रसाद बंटता है। यहां देश-विदेश से अघोरी और तांत्रिक साधना के लिए जुटते हैं। इसे पूर्व का महाकुंभ भी कहा जाता है।