कमल विहार स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर में श्री श्री राधा वल्लभ चेरिटेबल ट्रस्ट एवं श्री आरोग्य सेवा सदन के तत्वावधान में 11वीं श्रीमद्भागवत कथा व रस महोत्सव के 5वें दिवस पं. बृज किशोर शरण जी महाराज ने कहा कि मनुष्य को दुःख के समय घबराने के बजाय प्रभु नाम का सिमरन करना चाहिए। उन्होंने श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि उनका जन्म मथुरा कारागार में हुआ, जन्म के बाद उन्हें मथुरा छोड़कर गोकुल जाना पड़ा और वहां भी कंस द्वारा भेजी गई पूतना सहित अनेक राक्षसों के संकट आए। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने बाल्यकाल से जीवन में अनेक कष्ट सहे, फिर भी वे मुस्कुराते रहे और इससे यही शिक्षा मिलती है कि दुःख देखकर घबराना नहीं चाहिए। कथा में उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण भक्तों को प्रसन्न करने के लिए लीलाएं करते थे। कथा विश्राम पर गिरिराज गोवर्धन का पूजन कराया गया और छप्पन प्रकार के भोग के साथ भंडारा वितरित किया गया।

