स्कूलों के नोटिस बोर्ड परनशामुक्त भारत अभियान का लोगो और हेल्पलाइन नंबर होना अनिवार्य

भास्कर न्यूज|जालंधर पंजाब के स्कूलों में विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान शुरू करने का फैसला किया है। एससीईआरटी ने स्कूल प्रमुख आदि को निर्देश जारी किए हैं। विभाग का उद्देश्य छात्रों को नशे की बुरी आदतों से दूर रखना, उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना और स्कूलों को पूरी तरह नशामुक्त वातावरण प्रदान करना है। विभाग ने बताया है कि इस अभियान के तहत स्कूलों में पूरे साल अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सुबह की प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ शपथ दिलाई जाएगी। स्कूलों में प्रहरी क्लब बनाए जाएंगे और पहले से चल रहे प्रोग्राम को लागू किया जाएगा। इसके अलावा छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देने के लिए विशेषज्ञों के विशेष सेमिनार, जागरूकता कार्यक्रम और इंटरेक्टिव सैशन आयोजित किए जाएंगे। छात्रों की भागीदारी बढ़ाने के लिए पोस्टर मेकिंग, निबंध लेखन, कविता पाठ, भाषण प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता और स्लोगन लेखन जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। स्कूलों में नशे के नुकसान से जुड़ी डॉक्यूमेंट्री फिल्में भी दिखाई जाएंगी ताकि छात्र इस समस्या को बेहतर तरीके से समझ सकें। अभिभावकों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा और पीटीएम के दौरान उन्हें नशे के खतरों तथा बच्चों पर इसके प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा। विभाग की ओर से जुलाई से फरवरी तक का गतिविधियों का कैलेंडर भी जारी किया गया है। जुलाई में वर्कशाप, शपथ ग्रहण कार्यक्रम, भाषण प्रतियोगिताएं और वीडियो आधारित पाठ्यक्रम के साप्ताहिक सैशन होंगे। अगस्त में पोस्टर प्रतियोगिताएं और जागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी। सितंबर में पीटीएम के माध्यम से अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा। अक्टूबर में कविता पाठ और क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। नवंबर में सेमिनार और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम करवाए जाएंगे। जनवरी में दोबारा शपथ ग्रहण और स्लोगन लेखन प्रतियोगिता होगी, जबकि फरवरी में विद्यार्थियों के लिए नशे के जोखिमों और स्वस्थ जीवनशैली पर विशेष इंटरेक्टिव सैशन आयोजित किए जाएंगे। कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए विशेष वीडियो आधारित पाठ्यक्रम भी तैयार किया गया है, जिसे स्कूलों के टाइम टेबल में शामिल करना अनिवार्य होगा। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से छात्रों को नशे के दुष्प्रभाव, मानसिक स्वास्थ्य और सही जीवन मूल्यों के बारे में जानकारी दी जाएगी।इस के साथ सभी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में गुप्त सूचना बॉक्स लगाने के भी निर्देश दिए हैं। इस बॉक्स में छात्र, शिक्षक या अन्य कर्मचारी बिना अपनी पहचान बताए स्कूल या आसपास होने वाली नशे से संबंधित गतिविधियों की जानकारी दे सकेंगे। इसके अलावा सभी स्कूलों के 500 मीटर के दायरे को ड्रग-फ्री जोन बनाए रखने के निर्देश दोहराए गए हैं। स्कूलों के नोटिस बोर्ड और कार्यक्रम स्थलों पर नशामुक्त भारत अभियान का लोगो, हेल्पलाइन नंबर 14446 और शपथ संबंधी क्यूआर कोड प्रदर्शित करना भी अनिवार्य किया गया है। वहीं सीनियर विद्यार्थियों और एनएसएस वालंटियर्स को माय भारत पोर्टल के माध्यम से नशामुक्ति मित्र के रूप में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। नोडल शिक्षकों और गाइडेंस काउंसलरों को इस विषय से जुड़े ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने की भी सलाह दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी स्कूलों के प्रमुख को आयोजित गतिविधियों का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा और समय-समय पर तस्वीरों तथा वीडियो सहित रिपोर्ट विभाग को भेजनी होगी। उच्च अधिकारियों का मानना है कि इस अभियान से विद्यार्थियों में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ेगी और उन्हें एक सुरक्षित तथा स्वस्थ भविष्य की ओर प्रेरित किया जा सकेगा।