मोहाली से मॉनिटरिंग... साइबर सर्विलांस से होगी नशा-हथियार तस्करों की ट्रैकिंग
- Neha Gupta
- Jun 10, 2026
एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की मजबूती के लिए डीजीपी गौरव यादव ने एएनटीएफ पुलिस स्टेशन मोहाली में स्पेशल इंटेलिजेंस एंड टेक्निकल यूनिट (एसआईटीयू) का उद्घाटन किया। उन्होंने क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) कक्ष, पूछताछ कक्ष (इंटरोगेशन रूम), एमएचसी कक्ष और डीएसपी कार्यालय का भी उद्घाटन किया। पंजाब डीजीपी ने बताया कि अब वैज्ञानिक जांच, साक्ष्यों के डिजिटल विश्लेषण, खुफिया सूचनाओं के संग्रह, तकनीकी निगरानी और आपराधिक डेटाबेस तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी। नशा-हथियार तस्करी और नार्कोटिक्स से जुड़े मामलों की जांच की गुणवत्ता में सुधार होगा। हाईटेक इंटरोगेशन कक्ष तैयार, 3 जिलों में एसआईटीयू खोलने की तैयारी डीजीपी ने बताया कि पटियाला, जालंधर और बठिंडा में एएनटीएफ कार्यालय परिसर पहले से कार्यरत हैं, जबकि लुधियाना और फिरोजपुर में निर्माण जारी है। अमृतसर में भी एक एएनटीएफ सुविधा स्थापित करने की योजना प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि सरकार ने वित्तीय 2024-25 और 2025-26 के दौरान 11.50 करोड़ का निवेश किया है। इसके अतिरिक्त एएनटीएफ की तकनीकी क्षमता को प्रभावी बनाने के लिए 14.16 करोड़ और जारी किए गए हैं। डीजीपी ने बताया कि एएनटीएफ को स्टेट एनसीओआरडी (नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर) सचिवालय के रूप में नामित किया गया है। नई भूमिका के तहत एएनटीएफ विभिन्न विभागों और प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने, खुफिया जानकारी साझा करने तथा राज्यभर में नशा-विरोधी पहलों की निगरानी के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा। इसके तहत निगरानी प्रणाली, साइबर इंटेलिजेंस, डिजिटल फॉरेंसिक टूल्स, तकनीकी सर्विलांस और संचार नेटवर्क को अपग्रेड किया गया है। नई एसआईटीयू खुलने से पंजाब पुलिस को मोबाइल डेटा, डिजिटल साक्ष्य, वित्तीय लेनदेन और तस्करों को पकड़ने में मदद मिलेगी। इससे नशा-हथियार तस्करी से जुड़े मामलों में सूचनाओं के आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई की गति बढ़ने की उम्मीद है।

