टैलेंट सर्च एग्जाम का रिजल्ट : राज्य की मेरिट सूची में जिले के 29 स्टूडेंट्स चमके

भास्कर न्यूज | जालंधर पंजाब स्टेट टैलेंट सर्च एग्जामिनेशन कक्षा 10वीं के वर्ष 2025 का परिणाम घोषित कर दिया गया है। राज्य स्तर पर तैयार की गई 500 विद्यार्थियों की मुख्य मेरिट सूची में जालंधर जिले के कुल 29 विद्यार्थियों ने अपना स्थान पक्का कर शानदार सफलता हासिल की है। इस परीक्षा का आयोजन इसी वर्ष 4 जनवरी 2026 को किया गया था। इस वर्ष के नतीजों में लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों की तुलना में काफी बेहतर रहा है। जालंधर से चयनित कुल 29 विद्यार्थियों में 22 लड़कियां और केवल 7 लड़के शामिल हैं। मेरिट सूची में लड़कियों की संख्या लड़कों के मुकाबले लगभग तीन गुना अधिक है, जो महिला शिक्षा और उनकी बढ़ती भागीदारी का बड़ा प्रमाण है। पिछले 4 वर्षों का रिकॉर्ड: 2025 में दिखा बड़ा उछाल यदि पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो जालंधर का प्रदर्शन वर्ष 2023 के बाद से लगातार सुधरा है और इस बार जिले ने पिछले कई वर्षों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया है। क्या है यह परीक्षा और क्या मिलते हैं लाभ? स्कॉलरशिप की राशि: > पंजाब स्टेट टैलेंट सर्च एग्जामिनेशन पंजाब के सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 10वीं के होनहार विद्यार्थियों के लिए एक मेरिट आधारित स्कॉलरशिप परीक्षा है। इस परीक्षा को पास करने वाले विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई (कक्षा 11वीं और 12वीं) के लिए दो वर्षों तक 2,400 रुपये प्रतिवर्ष (200 रुपये प्रति माह) की वित्तीय सहायता स्कॉलरशिप के रूप में दी जाती है। परीक्षा का पैटर्न और योग्यता के कड़े नियम दो चरणों में पेपर: चयन लिखित परीक्षा के आधार पर होता है, जिसमें 90-90 अंकों के दो पेपर होते हैं। पहला पेपर मानसिक योग्यता परीक्षा का होता है, जिसमें रीजनिंग और सोचने की क्षमता परखी जाती है। दूसरा पेपर शैक्षणिक योग्यता परीक्षा का होता है, जिसमें गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के प्रश्न होते हैं। दोनों पेपर बहु-विकल्पीय होते हैं। पासिंग मार्क्स: सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को दोनों पेपरों में कम से कम 40-40 प्रतिशत अंक लाने जरूरी हैं, जबकि एससी/एसटी वर्ग के लिए यह सीमा 32 प्रतिशत है। अनिवार्य शर्तें: छात्र का पंजाब के सरकारी या संबद्ध स्कूल में 10वीं में पढ़ना जरूरी है। साथ ही 9वीं कक्षा में कम से कम 55 प्रतिशत अंक (एससी/एसटी के लिए 50 प्रतिशत) होने अनिवार्य हैं। इसके अलावा परिवार की वार्षिक आय 1.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।