भास्कर न्यूज | जालंधर साझा अध्यापक मोर्चा और विभिन्न शिक्षक संगठनों ने सोमवार को डीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। शिक्षक पंजाब सरकार द्वारा ड्रग सर्वे के लिए जबरन ड्यूटी लगाने और अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों को जारी किए कारण बताओ नोटिसों का विरोध कर रहे हैं। डीसी की गैरमौजूदगी में शिक्षकों ने अपना मांग पत्र जीए-टू-डीसी को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि यदि जबरन लगाई गई ड्यूटियां और कारण बताओ नोटिस वापस नहीं लिए गए तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन की अगुवाई करनैल सिंह फिल्लौर, नवप्रीत सिंह बाली, मंगत सिंह और ऋषि कुमार ने की। शिक्षक नेताओं ने कहा कि कई अध्यापक पहले ही जनगणना और बीएलओ की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इसके बावजूद सरकार ड्रग जनगणना के लिए उन पर अतिरिक्त ड्यूटी का दबाव बना रही है। ड्यूटी जॉइन नहीं करने पर शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस भेजे जा रहे हैं और वेतन रोकने तथा विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है। नेताओं ने मांग की कि ड्रग सर्वे की ड्यूटी कर्मचारियों की सहमति से लगाई जाए। पहले से जनगणना और बीएलओ का कार्य कर रहे शिक्षकों को दोबारा इस काम में न लगाया जाए। शिक्षा विभाग के अलावा अन्य विभागों के कर्मचारियों की भी अनुपात के अनुसार ड्यूटी लगाई जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि अमृतसर की तर्ज पर बेरोजगार युवाओं को मानदेय पर नियुक्त कर यह काम करवाया जाए। प्रदर्शन में तीर्थ सिंह बासी, संदीप कंबोज, सुखविंदर सिंह मक्कड़, जसवीर सिंह, विनोद भट्टी, दीपक कुमार, अमरीक सिंह, बलजीत सिंह कुलार, गुरिंदर सिंह, विजय चोलांग, वेद राज, सुखचरण सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए। मांग पत्र सौंपते शिक्षक।

