गवर्नमेंट टीचर यूनियन ने रखी शिक्षा सचिव से खाली पदों को भरने की मांग

भास्कर न्यूज|जालंधर शिक्षा सचिव सोनाली गिरि और गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन पंजाब के प्रतिनिधियों की बैठक बुधवार को हुई। बैठक में शिक्षकों, स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में यूनियन ने खाली पदों को भरने, लंबित पदोन्नतियों, शिक्षक तबादले, नई भर्ती, नियमितीकरण और अन्य मांगों को उठाया। यूनियन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को रद कर पंजाब की जरूरतों के अनुसार अलग शिक्षा नीति बनाने की मांग रखी। इस पर शिक्षा सचिव ने बताया कि इस दिशा में गंभीरता से काम किया जा रहा है। वहीं विभाग के विभिन्न कैडरों में लंबित प्रमोशन जल्द करने का आश्वासन भी दिया गया। विभाग ने कहा कि अदालतों में लंबित मामलों को छोड़कर बाकी प्रमोशन जल्द पूरी की जाएंगी। प्राथमिक कैडर से मास्टर कैडर में पदोन्नति से जुड़े मामलों की दोबारा समीक्षा कर सभी योग्य शिक्षकों को मौका देने का भरोसा भी दिया गया। बैठक में शिक्षक तबादलों की प्रक्रिया में तेजी लाने, रिकास्ट सूचियों से प्रभावित शिक्षकों को राहत देने तथा 180 ईटीटी शिक्षकों के लंबित मामले का समाधान करने की मांग भी उठी। शिक्षा सचिव ने कहा कि इन मामलों में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और समाधान निकालने के प्रयास जारी हैं। स्कूलों में खाली पदों को भरने के मुद्दे पर विभाग ने जानकारी दी कि 1013 लेक्चरर, 4000 मास्टर कैडर और बड़ी संख्या में ईटीटी शिक्षकों की भर्ती के लिए जल्द विज्ञापन जारी किया जाएगा। इसके अलावा कंप्यूटर शिक्षकों, मेरिटोरियस शिक्षकों, आदर्श स्कूल शिक्षकों, शिक्षा प्रोवाइडरों और एसटीआर/ईजीएस वालंटियरों को नियमित करने की मांग भी उठाई गई। विभाग ने बताया कि विभिन्न श्रेणियों से जुड़े मामलों पर कार्यवाही जारी है और कुछ मामलों पर चर्चा की जाएगी। यूनियन ने शिक्षकों से लिए जा रहे गैर-शैक्षणिक कार्यों का मुद्दा भी उठाया। शिक्षा सचिव ने कहा कि चुनाव और जनगणना जैसे कार्यों को लेकर सीमाएं हैं, लेकिन अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों के संबंध में रिपोर्ट लेकर उचित निर्णय किया जाएगा। 8886 शिक्षकों की ठेका सेवा को मान्यता देकर छुट्टियों का लाभ देने और मुख्य अध्यापकों को मेरिट आधारित वरिष्ठता देने की मांगों पर भी सकारात्मक रुख अपनाया गया। बैठक में विद्यार्थियों की वर्दियां एसएमसी समितियों के माध्यम से उपलब्ध करवाने, मेडिकल रीइंबर्समेंट बिलों की मंजूरी के अधिकार जिला शिक्षा अधिकारियों को देने तथा प्रमोशन सेल में कथित अनियमितताओं की जांच जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। शिक्षा सचिव ने इन मामलों में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। बैठक लंबी चली और सभी मांगों पर चर्चा पूरी न होने के कारण शेष मुद्दों पर विचार के लिए 23 जून को यूनियन और शिक्षा विभाग के बीच अगली बैठक तय की गई है।