कपूरथला की कंपनी से 10.65 करोड़ की ठगी:बिहार सरकार के लिए काम का प्रस्ताव देकर की धोखाधड़ी, दो महिलाओं समेत पांच पर केस
- Admin Admin
- Jan 17, 2026
कपूरथला जिले में जालंधर रोड स्थित एक स्विचगेयर और एलईडी लाइट बनाने वाली कंपनी के निदेशक और उनके बेटे से 10.65 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कंपनी मालिक की शिकायत पर थाना सिटी पुलिस ने हैदराबाद और पटना, बिहार की दो महिलाओं सहित पांच आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसएसपी कपूरथला को दी गई शिकायत में, पीड़ित ESCO स्विचगेयर कंपनी के निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि उनकी कंपनी बिजली का सामान बनाती है। उन्हें बिहार सरकार से अधिकृत पटना की बिहार रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट अथॉरिटी (ब्रेडा) से बिहार में सोलर लाइट लगाने का ठेका मिला था। उनकी कंपनी पहले से ही बिहार सरकार के पास पंजीकृत थी। बिहार सरकार के लिए काम करने का दिया प्रस्ताव अनिल कुमार ने बताया कि श्री सवित्र सोलर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक वैंकटा रमेश अनांगी (सीआईई फेज, गांधीनगर, हैदराबाद, तेलंगाना के रहने वाले) और उनकी पत्नी सुजाता अनांगी ने उनकी फर्म को बिहार सरकार के लिए काम करने का प्रस्ताव दिया। मुख्यमंत्री सोलर स्ट्रीट लाइट योजना का बताया नाम रमेश अनांगी को मुख्यमंत्री सोलर स्ट्रीट लाइट योजना, बिहार के लिए अधिकृत किया गया था। इसके बाद उनकी फर्म का वैंकटा की फर्म के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) हुआ।रमेश अनांगी और उनकी पत्नी ने अनिल कुमार की फर्म को निर्देश दिया कि ब्रेडा को सोलर लाइट की आपूर्ति के लिए सभी बिलिंग उनकी दूसरी फर्म 'सेंसेस-14 पावर सॉल्यूशन एलएलपी' के नाम से की जाए। पटना में बनाया गोदाम इस दूसरी कंपनी के निदेशक रणजीत झा (निवासी रंजन पथ, बेली रोड, पटना, बिहार) और उनकी पत्नी पूजा झा हैं।पटना में सामान रखने के लिए एक गोदाम बनवाया गया था, जिसका केयरटेकर रणजीत झा और पूजा झा के कहने पर कुमार सौरव (जमना एन्क्लेव, आईपीएस मोड़, रूपसपुर, पटना, बिहार) को बनाया गया। कपूरथला कार्यालय से भेजा सामान आरोपियों ने अनिल कुमार को कुमार सौरव से मिलवाया, जो उनका परिचित था। इसके बाद, ब्रेडा के तहत सारा काम अनिल कुमार और उनके बेटे अविरल गुप्ता देखते थे। कंपनी के कपूरथला स्थित प्रधान कार्यालय से सामान भेजना शुरू कर दिया गया था। 26 करोड़ का भेजा गया सामान इस दौरान सामान जाता रहा और उनके बैंक खातों में पैसे की अदायगी भी होती रही। इस तरह से अपने झांसे लेकर उक्त लोगों ने उससे करीब 26 करोड़, 16 लाख, 54 हजार 199 रुपए का बिजली से संबंधित सामान की खरीद की और इसमें से केवल 16 करोड़ 29 लाख 99 हजार 833 रुपए वापस किए गए। आरोपियों ने की 10 करोड़ की ठगी आरोपियों ने उसके 9 करोड़ 86 लाख 54 हजार, 366 रुपए का सामान के वापस नहीं किए और बैंक गारंटी के तौर पर 78 लाख 51 हजार 290 रुपए दी गई थी। इस शिकायत का जिम्मा एसएसपी ने डीएसपी-पीबीआई-होमीसाइड को सौंपा। जांच में आरोप सही पाए गए जिन्होंने जांच में पाया कि आरोपियों पर लगे 10 करोड़, 65 लाख, 05 हजार 656 रुपए की धोखाधड़ी के सभी आरोपी सही पाए और केस दर्ज करने की संस्तुति की। जिसके आधार पर थाना सिटी की पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। थाना सिटी के एसएचओ इंस्पेक्टर अमनदीप नाहर ने कहा कि इस मामले में अभी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। छापेमारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।



