किसानों ने जालंधर-फिरोजपुर ट्रैक पर ट्रेन रोकी:कपूरथला में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

पंजाब सरकार और किसान संगठनों के बीच टकराव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी (जिला कपूरथला) ने आज राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए डडविंडी रेलवे स्टेशन के पास मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूँका। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जालंधर-फिरोजपुर रेलवे लाइन पर एक पैसेंजर ट्रेन को रोककर अपना विरोध दर्ज कराया। यह प्रदर्शन किसान नेताओं की धरपकड़ और लंबित मांगों को लेकर सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ आयोजित किया गया था। नेताओं की आधी रात को गिरफ्तारी से उपजा आक्रोश: जिला प्रेस सचिव पुष्पिंदर सिंह और कोषाध्यक्ष हाकम सिंह ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली आधी रात से राज्य स्तरीय नेता सरवन सिंह पंधेर समेत करीब 15 अन्य किसान नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार लोकतंत्र की मर्यादाओं को ताक पर रखकर पुलिस बल के जरिए किसानों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के मजीठा दौरे पर सवाल पूछने का था ऐलान: जिला अध्यक्ष सरवन सिंह बाऊपुर और संगठन सचिव शेर सिंह महिवाल ने बताया कि किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर 18 जनवरी को मुख्यमंत्री के मजीठा दौरे के दौरान उनसे पुरानी मांगों पर सवाल पूछने का कार्यक्रम तय था। सरकार ने संवाद करने के बजाय दमनकारी नीति अपनाई और नेताओं को हिरासत में ले लिया। इसी के विरोध में आज कपूरथला के विभिन्न जोनों के किसान सड़कों और रेलवे पटरियों पर उतर आए। 3.77 करोड़ के नुकसान और शहीदों के मुआवजे का मुद्दा: किसान नेताओं ने 19 मार्च 2025 की घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि शंभू और खनौरी बॉर्डर पर चल रहे मोर्चों को हटाने के लिए पुलिस बल का हिंसक इस्तेमाल किया गया था। उनका दावा है कि इस दौरान करीब 3 करोड़ 77 लाख रुपये का कीमती सामान (ट्रैक्टर-ट्रॉलियां व अन्य सामग्री) चोरी या नष्ट हो गया। इस कार्रवाई में 435 किसान घायल हुए और 49 शहीद हुए, लेकिन सरकार ने आज तक किसी को मुआवजा नहीं दिया है। गिरफ्तार नेताओं की रिहाई की मांग: प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक गिरफ्तार किसान नेताओं को तुरंत रिहा नहीं किया जाता और मानी गई मांगों को लागू नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। रेलवे लाइन पर धरने के कारण यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन किसानों ने झुकने से साफ इनकार कर दिया। भारी संख्या में जुटे किसान और महिलाएं: इस विरोध प्रदर्शन में जिले के विभिन्न जोनों से बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं शामिल हुईं। मुख्य रूप से बलविंदर सिंह बम्ब, सुरजीत सिंह, स्वर्ण सिंह, बलवीर सिंह डल्ला, बीबी बीर कौर और निर्मल कौर मोथावाल समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारेबाजी की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि दमनकारी नीतियां बंद नहीं हुईं, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।