लुधियाना में पूर्व विधायक भैणी का निधन:लंबी बीमारी से जूझ रहे थे, परिवार के लौटने के बाद होगा अंतिम संस्कार

लुधियाना जिले के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व विधायक सरदार गुरदीप सिंह भैणी का आज सुबह 92 साल की उम्र में निधन हो गया। लंबे समय से बीमार चल रहे थे। निधन की खबर मिलते ही जगराओं और दाखा विधानसभा क्षेत्रों सहित पूरे राजनीतिक व सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। कोन थे सरदार गुरदीप सिंह भैणी 1934 में हुआ था जन्म खेती से की थी करियर की शुरुआत सरदार गुरदीप सिंह भैणी का जन्म वर्ष 1934 में हरनाम सिंह तूर और बचन कौर के घर हुआ था। शुरुआती दिनों में उन्होंने खेती-बाड़ी से जीवन की शुरुआत की। बाद में वे पंजाब की राजनीति में सक्रिय हुए और अपने सरल व्यक्तित्व व जनसेवा के लिए पहचाने जाने लगे। 1985 में पहली बार लड़ा चुनाव बरनाला सरकार में बने चेयरमैन भैणी ने वर्ष 1985 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा। सुरजीत सिंह बरनाला की सरकार के दौरान उन्हें टीयूवी कॉर्पोरेशन का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ और साफ छवि की वजह से वे हमेशा लोगों के बीच लोकप्रिय रहे। 2007 में कांग्रेस टिकट पर जीता था विधानसभा चुनाव वर्ष 2007 के चुनावों में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की। इस चुनाव में उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी भाग सिंह मल्ला को हराया था। जगराओं और दाखा क्षेत्रों में सरदार भैणी का मजबूत जनाधार रहा। परिवार के सदस्य विदेश में उनके लौटने के बाद होगा अंतिम संस्कार सरदार भैणी अपने पीछे दो पुत्रों को छोड़ गए हैं जिनमें से एक विदेश में व्यवसाय करते हैं। उनके पुत्र मेजर सिंह भैणी कांग्रेस पार्टी से सक्रिय राजनीति में हैं और दाखा व जगराओं में उनका अच्छा जनसमर्थन माना जाता है। मेजर सिंह ने बताया कि परिवार के कुछ सदस्य विदेश में हैं उनके लौटने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।