फोन विवाद में बीच-बचाव कर रहे युवक ने जड़े थप्पड़, आरोपी ने चाकू मार की हत्या
- Neha Gupta
- Jun 16, 2026
लुधियाना| फोन व्यस्त आने से गुस्साई महिला मित्र ने लिव-इन पार्टनर पर जान से मारने की नीयत से चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। थाना साहनेवाल के अंतर्गत नंदपुर स्थित विक्रमजीत पीजी में हुई इस वारदात में पुलिस ने आरोपी युवती खुशी को गिरफ्तार कर लिया है। घायल मनप्रीत सिंह का सीएमसी (CMC) अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस को दिए बयान में कूमकलां के गांव हीरां निवासी लवप्रीत सिंह ने बताया कि 12 जून 2026 की रात करीब 11:30 बजे वह अपने दोस्तों के साथ पीजी गया था। जब मनप्रीत अंदर गया, तो सीढ़ियों के पास खून से लथपथ मिला। एसएचओ (SHO) वरिंदर पाल उप्पल के मुताबिक, मनप्रीत अपनी फ्रेंड खुशी के साथ लिव-इन में रहता था। खुशी काफी देर से उसे फोन कर रही थी, लेकिन नंबर बिजी होने के कारण उसने गुस्से में जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया है और वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद करने का प्रयास कर रही है। शिमलापुरी में सोमवार सुबह मोबाइल विवाद में बीच-बचाव कर रहे युवक ने आरोपी को थप्पड़ जड़ दिए। गुस्साए आरोपी ने चाकू मारकर युवक की हत्या कर दी। मृतक की पहचान करनजीत सिंह उर्फ बब्बी (32) पुत्र राजिंदर पाल सिंह निवासी बसंत नगर, लोहारा कॉलोनी, शिमलापुरी, लुधियाना के रूप में हुई है। घटना गली नंबर 3, गुरुद्वारा रेड़ू साहिब के नजदीक सुबह करीब 10.30 बजे हुई। मृतक के बड़े भाई गुरदीप सिंह ने बताया कि करीब तीन महीने पहले उनके पिता राजिंदर पाल सिंह की मौत हो गई थी। इसके बाद करनजीत अपनी बहन के घर गांव जड़तोली, डेहलों रोड में रह रहा था, जहां वह पशुओं की देखरेख और दूध के काम में हाथ बंटाता था। दो दिन पहले ही वह वापस अपने भाई के घर बसंत नगर आया था। जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करनजीत अपने ताया के लड़के काले के साथ पैदल घटना स्थल की तरफ जा रहा था। इसी दौरान आरोपी मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचा और मोबाइल के विवाद को लेकर काले के साथ बहस करने लगा। बताया जा रहा है कि बीच-बचाव करते हुए करनजीत ने आरोपी को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद आरोपी मोटरसाइकिल से नीचे उतरा और उसने चाकू से करनजीत की छाती पर वार कर दिया। मृतक के बड़े भाई गुरदीप के दोस्त मनिंदर ने बताया कि वह अपने बच्चों के साथ कुछ खाने-पीने का सामान लेने के लिए घटना स्थल की तरफ गया था। वहां लोगों की भीड़ लगी हुई थी। जब वह भीड़ के बीच पहुंचा तो उसने करनजीत को लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़ा देखा। उसने तुरंत गुरदीप को सूचना दी और दोस्तों की मदद से करनजीत को सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मनिंदर ने कहा कि यदि भीड़ में मौजूद लोग समय रहते उसे अस्पताल पहुंचा देते तो शायद उसकी जान बच सकती थी। थाना डाबा के एसएचओ इंस्पेक्टर परमदीप सिंह ने बताया कि आरोपी अर्जुन कों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है।

