कनाडा में भारतीय दूतावास के बाहर खालिस्तान समर्थकों का प्रदर्शन:भारतीय राजदूत बयान से भड़के खालिस्तान समर्थक, भारत विरोधी नारे लगाए
- Admin Admin
- Jan 20, 2026
कनाडा में खालिस्तान समर्थकों ने भारतीय दूतावास के बाहर खालिस्तानी झंडे लेकर प्रदर्शन किया। अलगाववाद पर भारतीय दूतावास की सख्त बयानबाजी से खालिस्तानी समर्थक बौखला गए और उन्होंने ओटावा में भारतीय दूतावास के बाहर नारेबाजी की। खालिस्तान समर्थकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय राजदूत दिनेश पटनायक के खिलाफ नारेबाजी की। खालिस्तान समर्थकों बार बार हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के लिए भारत सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए भारत के खिलाफ प्रदर्शन करते रहते हैं। ओटावा में भारतीय दूतावास के बाहर बर्फ जमा थी इसके बावजूद खालिस्तान समर्थक प्रदर्शन करते रहे। भारतीय राजदूत दिनेश पटनायक ने मांगे थे निज्जर की हत्या के सबूत ओटावा में एक चैनल को इंटरव्यू देते वक्त जब भारतीय राजदूत दिनेश पटनायक से पूछा गया कि खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में ये लोग भारत सरकार का हाथ मानते हैं तो दिनेश पटनायक ने उन्हें दो टूक कह दिया था कि सबूत दें। इसके अलावा खालिस्तान समर्थकों पर ठोस कार्रवाई न किए जाने पर दिनेश पटनायक ने कनाडा सरकार को भी घेरा था। भारतीय राजदूत ने अपने इंटरव्यू में कहा था कि कनाडा में खालिस्तान समर्थक लंबे समय से अपनी गतिविधियां चला रहे हैं लेकिन कनाडा सरकार ने उन पर कभी भी कार्रवाई नहीं की। जिसकी वजह से खालिस्तान समर्थक कनाडा में अपनी गतिविधियां चलाते रहते हैं। प्रदर्शन के दौरान कनाडाई झंडे का इस्तेमाल पर एतराज कनाडा के सोशल एक्टिविस्ट एथन ने अपने X हैंडल पर लिखा कि खालिस्तान समर्थक कनाडा में नियमित तौर पर प्रदर्शन करते हैं। प्रदर्शन के दौरान अब वो कनाडा का झंडा इस्तेमाल करने लगे हैं और यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि कनाडा भी उनके एजेंडे का हिस्सा है। ओटावा में आज भी ये ग्रुप निज्जर के नाम पर अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। वे कनाडाई जमीन का इस्तेमाल कनाडा के हितों के बजाय अपने स्वयं के उद्देश्यों को साधने के लिए कर रहे हैं। बीसी प्रीमियर के भारत दौरे का भी कर रहे थे विरोध ब्रिटिश कोलंबिया प्रीमियर डेविड एबी के भारत दौरे का भी खालिस्तान समर्थकों ने विरोध किया था। खालिस्तान समर्थक भारत के साथ व्यापारिक संबंध नहीं चाहते थे जबकि डेविड एबी का भारत दौरा नए व्यापारिक संबंध स्थापित करने के लिए किया गया। डेविड एबी एक शिष्टमंडल के साथ भारत आए और अब दौरा पूरा करके वापस चले गए।



