30 जून तक शहर गड्ढामुक्त करने का दावा, हकीकत उलट-सड़कें धंस रहीं, वाहन फंस रहे

भास्कर न्यूज| लुधियाना शहर को 30 जून तक गड्ढामुक्त बनाने का दावा करने वाले प्रशासनिक वादों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर नजर आ रहा है। कुछ दिन पहले स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने लुधियाना के औचक दौरे के दौरान घोषणा की थी कि नगर निगम शहर की सभी सड़कों को 30 जून तक गड्ढामुक्त कर देगा। इसके साथ ही 24 घंटे नहरी पानी योजना के तहत खोदी गई सड़कों को भी प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने की बात कही गई थी। हालांकि, शहर के हालात देखकर लगता है कि निगम की बीएंडआर शाखा ने इस दिशा में अभी तक अपेक्षित स्तर पर काम शुरू ही नहीं किया है। शहर के कई इलाकों में पेयजल और सीवरेज परियोजनाओं के लिए की गई खुदाई लोगों के लिए परेशानी का कारण बन चुकी है। पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों की सही तरीके से मरम्मत नहीं होने के कारण जगह-जगह मिट्टी धंस रही है और हादसों का खतरा बढ़ गया है। बरसात शुरू होने से पहले ही हालात चिंताजनक हैं, ऐसे में मानसून के दौरान स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है। मॉडल टाउन एक्सटेंशन स्थित श्मशान घाट रोड पर हाल ही में बजरी से भरा एक ट्रक सड़क धंसने के कारण जमीन में फंस गया। वहीं ग्यासपुरा के 33 फीट रोड पर सीवर लाइन बिछाने के बाद छोड़ी गई सड़क ट्रक समेत धंसने का मामला सामने आया। दूसरी ओर पक्खोवाल रोड पर चौथी बार सड़क धंसने की घटना ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नहरी पानी योजना के तहत की गई खुदाई के बाद पैचवर्क बेहद खराब तरीके से किया गया। कई स्थानों पर सड़कें बार-बार धंस रही हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं रही। यही कारण है कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल रही। पक्खोवाल रोड के अलावा हैबोवाल, दुगरी रोड, आत्म पार्क रोड, नूरवाला रोड, राहों रोड, जस्सियां रोड, मॉडल टाउन, एसबीएस नगर और सराभा नगर सहित कई क्षेत्रों में सड़कें टूटी और उखड़ी हुई हैं। वाहन चालकों को रोजाना जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है। उधर, नए नगर निगम कमिश्नर ओजस्वी अलंकार ने स्वीकार किया है कि शहर की सड़कों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि मानसून से पहले गड्ढों और खराब सड़कों की समस्या दूर करने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्ययोजना तैयार की गई है और जल्द ही शहरवासियों को राहत देने के लिए अभियान शुरू किया जाएगा।