दिल्ली से लुधियाना पहुंची नशा विरोधी अभियान की प्रचार सामग्री:पोस्टर, बैनर, पंफलेट यहां तक झंडियों के लिए डंडे भी ट्रक में दिल्ली से लाए गए

पंजाब सरकार ने युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान का सेकेंड फेज लॉन्च कर दिया। अब हर जिले में इस अभियान के तहत रैलियां, जन जागरण जैसे कार्यक्रम करवाए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों से कनेक्ट किया जा सके। सरकार ने इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार सामग्री भी प्रिंट करवा दी है और यह सामग्री जिला मुख्यालयों पर पहुंचनी शुरू हो गई। खास बात यह है कि युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के सेकेंड फेज में जो प्रचार सामग्री प्रयोग में लाई जाएगी वो सभी दिल्ली से प्रिंट होकर आ रही है। दिल्ली से हर जिले में एक-एक ट्रक प्रचार सामग्री आ रही है। लुधियाना जिले में यह सामग्री पहुंच चुकी है। पंफलेट, पोस्टर, बैनर, फ्लैक्स, तख्तियां, झंडियां यहां तक कि झंडियों को लगाई जाने वाले डंडे भी दिल्ली से लाए गए हैं। लुधियाना डीसी दफ्तर में पहुंचे ट्रक चालक ने ऑफ कैमरा बताया कि वह दिल्ली से सामग्री लेकर आया है। बिना प्रकाशक नाम के पंफलेट और पोस्टर ट्रक में लाई गई प्रचार सामग्री को लेकर एक और गंभीर तथ्य सामने आया है। पंफलेट और पोस्टरों पर किसी भी प्रकाशक, प्रिंटिंग प्रेस या छपाई से संबंधित जानकारी दर्ज नहीं है। सामान्य तौर पर सरकारी या सार्वजनिक प्रचार सामग्री पर प्रिंटिंग एजेंसी का नाम, पता और अन्य विवरण देना अनिवार्य माना जाता है। डीसी दफ्तर में वीडियो बनाने से रोका जब डीसी दफ्तर में ट्रक से सामग्री उतारी जा रही थी, उस समय कुछ लोगों ने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इसी दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें वीडियो बनाने से रोक दिया। कर्मचारियों का कहना था कि वीडियो बनाने की अनुमति नहीं है। गांवों में रैलियों की तैयारी ‘युद्ध नशा विरुद्ध’ अभियान के तहत आने वाले दिनों में पंजाब के विभिन्न जिलों और गांवों में रैलियां निकाली जाएंगी। इन रैलियों में झंडियां, तख्तियां और फ्लेक्स का इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि पंफलेट ग्रामीणों में बांटे जाएंगे। सरकार का दावा है कि यह अभियान नशे के खिलाफ जन आंदोलन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अभियान के लिए भेजी गई है सामग्री एडीसी जनरल राकेश कुमार का कहना है कि जिले में नशे के खिलाफ अभियान चलाया जाना है उसके लिए प्रचार सामग्री हेडक्वार्टर से भेजी गई है। जहां जहां कार्यक्रम करवाए जाएंगे वहां वहां सामग्री को भेजी जाएगी।