भास्कर न्यूज | लुधियाना प्रीत साहित्य सदन और श्री बोधराज संगीत अकादमी की ओर से 'शाम-ए संगीत' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोकगीतों, शब्द-कीर्तन, ग़ज़ल और फिल्मी गीतों की प्रस्तुतियां दी गईं। 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों ने भी मंच पर अपनी अपनी प्रस्तुति से गायन किया। कार्यक्रम के दौरान प्रो बलविंदर सिंह धालीवाल ने शिव कुमार बटालवी के विशेष गीत के लेखन से जुड़े पक्षों पर चर्चा की। मुख्य अतिथि तरुण जीत गुलाटी ने कहा कि संगीत आत्मा की सबसे बड़ी आवाज है, जो जीवन में तनाव से मुक्त रहने के लिए प्रेरित करती है। संगीत विशेषज्ञ डॉ. संदीप सिंह ने अपने गायन में बिरहा की प्रस्तुति देकर श्रोताओं का ध्यान आकर्षित किया। काजल, राजवीर, शारदा, नवदीप, तनीषा, गुरप्रीत सिंह, कमलप्रीत, पम्मी, हबीब, नरेंद्र सोनी, राजेंद्र, लाडी, तरसेम मान, दीपक और माहेश्वरी की प्रस्तुतियों के साथ कुलविंदर सिंह ने तबला वादन पर पेशकारी दी। अंत में रमा शर्मा ने आगंतुकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को संगीत से जोड़ना समाज को अच्छा नागरिक देने के उद्देश्य से जुड़ा है।

