लुधियाना कोर्ट-डीसी कॉम्पलेक्स बनेगा हाई-सिक्योरिटी जोन:बम धमकी के बाद डीसी-सीपी दफ्तर व कोर्ट कॉम्पलेक्स में लगेंगे 100 से ज्यादा CCTV
- Admin Admin
- Jan 10, 2026
पंजाब के लुधियाना में जिला कोर्ट कॉम्पलेक्स को बम से उड़ाने की धमकी के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब लुधियाना जिला प्रशासकीय कॉम्पलेक्स से लेकर कोर्ट कॉम्पलेक्स और पुलिस कमिश्नर दफ्तर को हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील किया जाएगा। प्रशासन जिला प्रशासकीय कांप्लेक्स, कोर्ट व सीपी दफ्तर में 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाने जा रहा है। इसके लिए पुलिस ने सर्वे करना शुरू कर दिया है। एसीपी सिविल लाइंस की अगवाई में टीम उन सभी प्वाइंट्स को चेक कर रही है जहां पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। पूरे एरिया में सामान्य कैमरों के साथ-साथ मॉडर्न फेस रिकग्निशन और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे भी शामिल होंगे। प्रशासन का मकसद हर आने-जाने वाले व्यक्ति और वाहन पर कड़ी नजर रखना है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। बीते दिनों जिला कोर्ट कॉम्पलेक्स को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी।इससे पहले डीसी दफ्तर को भी बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने अब पूरे प्रशासकीय और न्यायिक परिसर को हाई-सिक्योरिटी जोन में तब्दील करने की योजना बनाई है। एंट्री-एग्जिट पर होगी सख्त निगरानी नई योजना के तहत जिला प्रशासकीय कॉम्पलेक्स, डीसी दफ्तर, सीपी दफ्तर और कोर्ट कॉम्पलेक्स के सभी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर ANPR और फेस रिकग्निशन कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों की मदद से परिसर में दाखिल होने वाले हर व्यक्ति के चेहरे और हर वाहन की नंबर प्लेट को रिकॉर्ड किया जाएगा। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या ब्लैकलिस्टेड वाहन की पहचान होते ही सिस्टम अलर्ट जारी करेगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इससे न केवल अपराधियों की पहचान आसान होगी, बल्कि भविष्य में किसी भी तरह की आतंकी या आपराधिक साजिश को नाकाम किया जा सकेगा। कंट्रोल रूम से होगी 24 घंटे निगरानी सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के लिए जिला प्रशासकीय कॉम्पलेक्स और सीपी दफ्तर में अलग-अलग कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। इन कंट्रोल रूम में 24 घंटे पुलिसकर्मी और तकनीकी स्टाफ तैनात रहेगा। कैमरों से आने वाली लाइव फुटेज को बड़े स्क्रीन पर मॉनिटर किया जाएगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित थाना और वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, कंट्रोल रूम को आधुनिक सॉफ्टवेयर से लैस किया जाएगा, जिससे फुटेज को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके और जरूरत पड़ने पर तुरंत सर्च किया जा सके। सर्वे पूरा, प्वाइंट्स चिह्नित प्रशासन ने सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने पूरे परिसर का मुआयना किया है। जिन जगहों पर भीड़ ज्यादा रहती है, जैसे कोर्ट रूम के बाहर, वकीलों के चैंबर, पार्किंग एरिया, रिकॉर्ड रूम समेत सभी को हाई-रिस्क जोन मानते हुए कैमरे लगाने के प्वाइंट्स चिह्नित किए गए हैं। पहले से मौजूद व्यवस्था मानी गई नाकाफी कोर्ट और प्रशासकीय कॉम्पलेक्स में सीमित संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, जो तकनीकी रूप से पुराने हो चुके हैं। जिला प्रशासकीय कांप्लैक्स के मेन गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं पर उनकी जगह अब एनपीआर व फेस रिकग्निशन कैमरे लगाए जाने हैं। पुराने लगे व नए लगने वाले कैमरों को कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। चप्पे चप्पे पर रहेगी सीसीटीवी कैमरों की नजर एसीपी सिविल लाइन गुरइकबाल सिंह ने बताया कि सुरक्षा के मध्य नजर डीसी दफ्तर, कोर्ट कॉम्पलेक्स और सीपी दफ्तर के एरिया में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। पार्किंग से लेकर हर हिस्सा सीसीटीवी कैमरों की नजर में रहेगा।



