लुधियाना में 'नमित गैंग' का भंडाफोड़:यूरोप में बैठा गैंगस्टर चला रहा था, 4 आरोपी गिरफ्तार, पिस्टल और 300 ग्राम हेरोइन बरामद
- Neha Gupta
- Jun 15, 2026
लुधियाना में कारोबारियों को रंगदारी की धमकियां देने वाले गैंग का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। पुलिस ने बड़ी वारदात से पहले ही आरोपियों की पहचान कर उन पर मामला दर्ज कर दिया है। यूरोप में बैठा गैंगस्टर नमित अपना गिरोह शहर में चला रहा है। उसके गुर्गे कारोबारियों को धमकाकर और फायरिंग करके उन्हें डराते धमकाते थे। थाना सदर की पुलिस ने नमित शर्मा सहित कुछ अन्य युवकों पर रविवार को मामला दर्ज किया है। ये गैंग लुधियाना समेत पंजाब के विभिन्न हिस्सों में कारोबारियों को टारगेट करता था। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अवैध पिस्टल, जिंदा कारतूस, 300 ग्राम हेरोइन और एक कार बरामद की है। गिरोह के तार विदेश में बैठे कथित मास्टरमाइंड से जुड़े बताए जा रहे हैं। क्राइम ब्रांच के प्रभारी इंस्पेक्टर नवदीप सिंह ने बताया कि उनकी टीम पक्खोवाल रोड स्थित ओमैक्स फ्लैट्स के नजदीक गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक खास मुखबिर ने सूचना दी कि अभिजीत सिंह उर्फ मंड, मानिया साहनी, अंकुश यादव, सुखमन सिंह, युवराज सिंह उर्फ हरमन, नमित शर्मा और अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने मिलकर एक आपराधिक संगठन बना रखा है। पुलिस के अनुसार, विदेश में बैठा नमित शर्मा इस गिरोह को संचालित कर रहा था। उसके निर्देश पर गिरोह के सदस्य लुधियाना समेत पंजाब के विभिन्न शहरों में कारोबारियों और अन्य लोगों को जान से मारने की धमकियां देकर रंगदारी मांगते थे। दहशत फैलाने के लिए कई बार फायरिंग की घटनाओं को भी अंजाम दिया जाता था, ताकि लोगों से मोटी रकम वसूली जा सके। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह हथियारों और हेरोइन की सप्लाई का धंधा भी करता था। आरोपी सीमावर्ती क्षेत्रों से हथियार और नशा लाकर पंजाब के अलग-अलग शहरों में सप्लाई करते थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अभिजीत सिंह उर्फ मंड, मानिया साहनी, अंकुश यादव और सुखमन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से एक .32 बोर पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, मैगजीन, 300 ग्राम हेरोइन तथा सफेद रंग की स्विफ्ट कार (नंबर PB-10-AC-8521) बरामद की गई अभिजीत सिंह उर्फ मंड का आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अभिजीत सिंह उर्फ मंड (26) निवासी भाई हिम्मत सिंह नगर, दुगरी के खिलाफ पहले भी हत्या के प्रयास, लूट, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत कई मामले दर्ज हैं। वह मई 2025 में एक मामले में जमानत पर जेल से बाहर आया था। पुलिस एफआईआर में हुआ बड़ा खुलासा:- आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111(1) (संगठित अपराध), 111(2) (संगठित अपराध से अर्जित संपत्ति), 351(3) (आपराधिक धमकी) और 308(2) (जबरन वसूली), एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 29, 61 और 85 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25, 54 और 59 के तहत केस दर्ज किया गया है।

