कैबिनेट मंत्री मुंडिया के घर का आज होगा घेराव:नगर निगम संघर्ष कमेटी निकालेगी रोष मार्च, पुलिस बल तैनात

लुधियाना में आज नगर निगम संघर्ष कमेटी की ओर से आज कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया के आवास का घेराव करने का ऐलान किया गया है। अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे निगम के कच्चे मुलाजिमों ने रोष मार्च निकालने की तैयारी कर ली है। जानकारी के अनुसार, निगम के कच्चे कर्मचारी सुबह 11 बजे वीर पैलेस से एकत्रित होकर रोष मार्च शुरू करेंगे। प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर और झंडे लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए कैबिनेट मंत्री के आवास की ओर कूच करेंगे। संघर्ष कमेटी के नेताओं का कहना है कि कच्चे मुलाजिम लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। इसी के विरोध में यह घेराव कार्यक्रम रखा गया है। उधर, प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। मंत्री के आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। संघर्ष कमेटी की 4 मांगे… ठेकेदारी प्रथा को बंद करना: नगर निगम, नगर काउंसिल और नगर पंचायतों में चल रही ठेकेदारी प्रथा (ठेकेदार सिस्टम) को पूरी तरह से बंद किया जाए। सभी विभागों में कर्मचारियों की सीधी भर्ती की जाए। कर्मचारियों को पक्का करना: नगर निगम, नगर काउंसिल और नगर पंचायतों में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन कर्मचारियों को पक्का किया जाए।कर्मचारियों को पक्का करने के बाद उनका परखकाल 3 साल से घटाकर 1 साल किया जाए और उन्हें मेडिकल जांच से छूट दी जाए आवेरऐज कर्मचारियों को पक्का करें: नगर निगम लुधियाना में लंबे समय से काम कर रहे उन सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों को पक्का किया जाए जो ओवरऐज हो चुके हैं। 2021 में जिन्हें ओवरएज होने के कारण पक्का करने से वंचित रख दिया गया था, उनके लिए सरकार के नोटिफिकेशन में कोई अधिकतम उम्र सीमा तय नहीं थी। इसलिए इन ओवरएज कर्मचारियों को तुरंत पक्का करके उनके परखकाल और मेडिकल में छूट दी जाए। डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का ठेका बंद करना: नगर निगम लुधियाना में डोर-टू-डोरकूड़ा उठाने के लिए दिए गए ठेकेदारी सिस्टम को तुरंत बंद किया जाए। इस काम को बंद करके, वहां काम कर रहे पक्के कर्मचारियों के परिवारों के बेरोजगार सदस्यों को पक्के तौर पर इस काम में रखकर उनके रोजगार की व्यवस्था की जाए।