पंजाब में ‘आप’ की सोशल मीडिया फौज तैयार::विधानसभा चुनाव 2027 से पहले ब्लॉक स्तर पर नियुक्त किए सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर

पंजाब में राजनीतिक दलों में इन सोशल मीडिया पर जंग छिड़ी हुई है। कांग्रेस, भाजपा, अकाली दल व आम आदमी पार्टी अपने-अपने विरोधियों पर कटाक्ष करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने तो अपनी सोशल मीडिया विंग की पूरी फौज तैयार कर दी है और उन्हें बाकायदा ट्रेनिंग भी दी जा रही है। आम आदमी पार्टी ने प्रदेश कार्यकारिणी, जिला कार्यकारिणी के अलावा ब्लॉक लेवल पर भी सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर नियुक्त कर दिए हैं। आम आदमी पार्टी ने पूरे प्रदेश में ब्लॉक स्तर पर 850 ब्लॉक कोऑर्डिनेटर नियुक्त कर दिए हैं। पार्टी ने नव नियुक्त ब्लॉक कोऑर्डिनेटर्स को उनकी जिम्मेदारी भी सौंप दी है। सोशल मीडिया पर एक्टिव कार्यकर्ताओं को दी जिम्मेदारी पार्टी ने पूरे पंजाब में 850 ब्लॉक सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर बनाए हैं। इन नियुक्तियों की सूची पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया और प्रदेश प्रधान अमन अरोड़ा की ओर से जारी की गई है। पार्टी नेतृत्व के मुताबिक कोऑर्डिनेटर वही बनाए गए हैं, जो पहले से सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पार्टी की बात प्रभावी ढंग से रख सकते हैं। ब्लॉक कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारियां भी तय पार्टी ने इन सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर्स की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट तौर पर तय कर दी हैं। उन्हें विपक्षी दलों की खामियों और विरोधाभासों को उजागर करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही पंजाब सरकार की हर गतिविधि, नीतियों, योजनाओं, फैसलों और विकास कार्यों को सोशल मीडिया के जरिए तेजी से वायरल करना उनकी मुख्य जिम्मेदारी होगी। पार्टी का मानना है कि इससे सरकार की उपलब्धियां सीधे जनता तक पहुंचेंगी और विपक्ष के आरोपों का तुरंत जवाब दिया जा सकेगा। चुनाव के दौरान निगरानी की भूमिका सूत्रों के मुताबिक, चुनावी समय में ये सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर विपक्षी दलों के प्रचार पर भी कड़ी नजर रखेंगे। सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे किसी भी भ्रामक या गलत प्रचार का तथ्यात्मक जवाब देना और पार्टी नेतृत्व तक फीडबैक पहुंचाना भी इन्हीं की जिम्मेदारी होगी। ब्लॉक स्तर पर नियुक्त टीम स्थानीय मुद्दों और क्षेत्रीय राजनीति पर भी डिजिटल रिपोर्ट तैयार करेगी। पार्टी के एक्सपर्ट दे रहे ट्रेनिंग आम आदमी पार्टी ने सिर्फ नियुक्तियां ही नहीं कीं, बल्कि इन कोऑर्डिनेटर्स को बाकायदा ट्रेनिंग भी दी जा रही है। ट्रेनिंग में कंटेंट क्रिएशन, वीडियो और ग्राफिक्स बनाने, फैक्ट-चेकिंग, सोशल मीडिया ट्रेंड्स, सकारात्मक प्रचार और विपक्ष के हमलों का जवाब देने की रणनीति शामिल है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि सोशल मीडिया पर पार्टी की भाषा आक्रामक जरूर हो, लेकिन तथ्यों और मर्यादा के दायरे में रहे। 2027 की तैयारी का साफ संकेत राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ब्लॉक स्तर तक सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर नियुक्त करना साफ तौर पर विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी का संकेत है। आम आदमी पार्टी जमीनी संगठन के साथ-साथ डिजिटल ताकत को भी चुनावी हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना चाहती है, ताकि युवाओं, शहरी मतदाताओं और ग्रामीण क्षेत्रों तक सीधी पहुंच बनाई जा सके।