लुधियाना में कुत्ते को दफनाने गए लोगों पर हमला:लाठी-डंडों और कस्सी से बेरहमी से पीटा पुलिस जांच में जुटी

लुधियाना के सलेम टाबरी इलाके से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इंसानियत के नाते एक बेजुबान जानवर को दफनाना कुछ लोगों को इतना भारी पड़ गया कि उन पर हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया गया। घटना गांव कासाबाद की है, जहां एक मरे हुए कुत्ते को दफनाते समय दो गुटों में झटप हो गया। हमलावरों ने लाठी-डंडों और कस्सी से लोगों को बुरी तरह लहूलुहान कर दिया। थाना सलेम टाबरी पुलिस को दी गई शिकायत में गांव कासाबाद के रहने वाले गुरमीत सिंह ने बताया कि 12 जून को उनके इलाके की मुख्य सड़क पर एक हादसा हुआ। जिसमें एक बेसहारा कुत्ता तेज रफ्तार ट्रक के नीचे आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। सड़क पर बेजुबान की लाश देखकर गुरमीत सिंह का दिल पसीज गया और उसने कुत्ते को सड़कों पर रुुलने से बचाने के लिए उसे दफनाने का फैसला किया। कुत्ते को दफनाते वक्त हुआ खौफनाक हमला गुरमीत सिंह ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि वह बाघा राम और जसपाल सिंह को साथ लेकर कुत्ते के शव को अपने चाचा अमर सिंह के घर के बाहर स्थित एक खाली प्लॉट में दफनाने के लिए गया था। वे लोग अभी गड्ढा खोदकर कुत्ते को दफनाने की तैयारी कर ही रहे थे कि तभी वहां मौजूद आरोपियों ने आकर बेमतलब की बहसबाजी शुरू कर दी।देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने गालियां निकालनी शुरू कर दीं और हाथों में डांग (लाठियां) और कस्सी लेकर गुरमीत और उसके साथियों पर टूट पड़े। हमला इतना अचानक और जोरदार था कि संभलने का मौका ही नहीं मिला। आरोपियों ने बिना कोई रहम खाए बेरहमी से मारपीट की। बीच-बचाव करने आए भतीजे को भी नहीं बख्शा हमले के बाद जब गुरमीत सिंह खुद को बचाकर वहां से निकला और इस पूरी घटना की जानकारी अपने भतीजे सुखजीत सिंह को दी तो हमलावरों की गुंडागर्दी यहीं नहीं रुकी। गुस्से में आगबबूला हुए आरोपियों ने भतीजे सुखजीत सिंह को भी घेर लिया और उसकी भी जमकर कुटाई कर दी। पुलिस ने दर्ज की FIR इस वारदात के बाद सलेम टाबरी पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए 14 जून को मामला दर्ज कर लिया है। जिसमे मुख्य आरोपी बाघा राम, उसकी पत्नी सुरजीत कौर, विशाल कुमार, साहिल कुमार, बिक्रमजीत सिंह, दूला राम, गुरदेव राम, बिक्रम सिंह, बलबीर सिंह, मेजर सिंह और गुरदयाल राम (सभी वासी गांव कासाबाद)। जिसपर BNS की धारा 115-(2), 118(1), 12(2), 351(3), 191(3) और 190। दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले की जांच हेड कांस्टेबल जावेद अली कर रहे हैं और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।