पत्नी से परेशान पति ने किया सुसाइड:लिखा पत्र-जबरी तलाक के कागज पर करवाए हस्ताक्षर; बेटी माफ करना, तुम्हारी मां बन चुकी जान की दुश्मन

पंजाब के लुधियाना में एक व्यक्ति ने चुन्नी के सहारे फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। छत्त के किनारे जंगले से शव लटकता देख लोगों ने पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंच पुलिस ने शव कब्जे में लेकर घर की जब तलाशी ली तो मृतक के कमरे से सुसाइड नोट मिला। जिसके बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके दो साथियों पर धारा 108 , 351 (2), 3 (5) BNS के तहत थाना डिवीजन नंबर 6 की पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। मृतक काफी लंबे अर्से से लुधियाना में रहता है। जानकारी मुताबिक पुलिस को से सूचना मिली कि गली नंबर 23, नजदीक खुहीसर गुरुद्वारा साहिब, कोट मंगल सिंह नगर में एक मकान की छत के किनारे वाले जंगले से एक नौजवान व्यक्ति फंदा लगाकर मर गया है। उसका शव गली में लटक रहा है। घटना स्थल पर पहुंच पुलिस ने मामला की जांच शुरू की। फंदे से लटक रहे व्यक्ति का नाम जुनेद अहमद पुत्र अल्ताफ अहमद पता चला। पुलिस ने जुनैद को फंदे से उतारा और उसे चैक किया लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक के परिजनों संबंधी आस-पास से पता किया गया लेकिन कुछ पता नहीं लग सका। जिस पर मृतक जुनेद अहमद की लाश को प्राइवेट व्हीकल के जरिए अगली कार्रवाई तक सिविल अस्पताल लुधियाना की मोर्चरी में रखवाया गया। जुनैद के मकान में बने रिहायशी कमरों को जब पुलिस ने इलाके के लोगों के साथ मिलाकर चेक किया तो कमरे में पड़े बेड पर 02 पर्चे हिंदी में लिखित सुसाइड नोट के मिले। इसके बाद पुलिस को पूरा मामला क्लियर हुआ। पुलिस ने जुनैद की पत्नी लक्ष्मी, कृष्ण कंडा और लक्की उर्फ युवराज पर मामला दर्ज किया। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापामारी कर रही है। अब पढ़िए मरने से पहले जुनैद ने सुसाइड नोट में क्या लिखाः “मैं जुनेद अहमद कोट मंगल सिंह गली नंबर 23 मकान नंबर 8760/2 का रहने वाला। मेरी बीवी लक्ष्मी ने 2 लड़कों के साथ मिलकर मुझे डराया धमकाया बहुत। जिनका नाम लक्की उर्फ युवराज भल्ला लोहारा का रहने वाला है। दूसरा कृष्ण कांडा जो कोट मंगल 21 नंबर गली का रहने वाला है। इन लोगों ने बिना किसी गवाह की मौजूदगी में मुझसे तलाक पेपर पर साइन करवाए जो कि खाली था। मुझे और मेरे बच्चों को जान से मारने की धमकी दी। बहुत डराया धमकाया तब मुझे साइन करने पड़े। ये लोग मेरे बच्चे को भी मार देंगे। मेरी पुलिस प्रशासन से अपील है कि मेरे दोनों बच्चे जिनका नाम रूहल और लड़के का नाम दानिश है उनको मेरे बाप के सुपुर्द कर दिया जाए जो कि लखनऊ में रहते हैं। जिनका मोबाइल नंबर 9598405201 है। इन लोगों ने मेरे सर पर बहुत कर्ज चढ़ा दिया है। 3,4 लाख का। इन के पास मेरे क्रेडिट कार्ड भी है और इन्होंने मेरा फोन भी छीन लिया। मैं खुदकुशी करने जा रहा हूं। इन तीनों ने मुझे डरा धमका कर 1 और पेपर लिखवाया था। जिसमें इन लोगों ने लिखवाया था कि मैं मर जाऊं या मुझे कुछ भी हो इसके ये लोग जिम्मेदार नहीं पर सच तो ये है। इन सब चीजों के मेरी मौत के ये तीनों ही जिम्मेदार होंगे। मैं सरकार और पुलिस प्रशासन से ये अपील करूंगा कि इन तीनों को उम्र कैद या फांसी की सजा हो। ये लोग बड़े लंबे समय से मेरे खिलाफ प्लान बना रहे थे। जिसका पता मुझे 4,5 दिन पहले चला। पुलिस प्रशासन से मेरी अपील है कि इन से मेरा सारा कर्ज चुकाया जाए ये लोग मेरा सारा कर्ज चुकाए 9803424077 नंबर चेक करे। आप लोगों को सारी जानकारी मिल जाएगी। कृष्ण कांडा कहता है कि मैं जज का भी फैसला बदलवाने का दम रखता हूं मेरे अंडर में पुलिस है। मैंने DSP को थप्पड़ मारा है। मेरा ना पुलिस कुछ बिगाड़ सकती है। ना प्रधानमंत्री। मैं खुदकुशी करने जा रहा हूं जिसके तीनों ही जिम्मेदार है। उनको छोड़ना मत इन लोगों ने मेरी और मेरे बच्चों की जिंदगी बर्बाद कर दी है। बस मेरी आखिरी 3 ख्वाहिशें है। मेरे बच्चों को मेरे पापा सौंपा जाए, मेरा सारा कर्ज इन तीनों से चुकाने को कहा जाए और मेरी लाश गुरु अंगद कॉलोनी की 7-10 गली में जो मस्जिद है उन्हें सौंपा जाए या फील्ड गंज जामा मस्जिद के उस्मान भाई शाही इमाम को सौंपा जाए और मेरी दुकान को भी जामा मस्जिद को सौंपी जाए। सामने वाली आंटी से बोलना मुझे माफ कर दे। 12/1/2026 मेरे पापा का नाम अफताब मोहम्मद है। मैंने और भी 2 लेटर लिखे है। जो कि मेरी दुकान के मालिक के पास है। जिसमें से 1 लेटर मेरी बेटी रूहल के हाथ का लिखा हुआ है। मेरे लिए सही मेरी बेटी के लिए हर्ष को छोड़कर सब पर कार्रवाई की जाए। दूसरा वर्क की लिखत इस प्रकार है, “ मेरी बच्ची रूहल और केयान (दानिश) बेटे के नाम। आप लोगों से गुजारिश है जरूर पढ़वाना मेरी बच्ची से ये लेटर उसे जरूर देना। मेरी बच्ची रूहल मैं तुम्हारा डैडा मैं तुमसे किया हुआ वादा निभा ना सका क्योंकि कल तक जो तुम्हारी मां मुझसे प्यार करती थी। आज वो मेरी जान की दुश्मन बन चुकी है। मैं अकेला पड़ गया हूं मेरा साथ देने वाला कोई भी नहीं सिवा अल्लाह के। बस मेरी बच्ची मैं कुछ बातें कहना चाहता हूं इस को जरूर मानना कोई कुछ भी कहे पर तुम्हारा डैडा तुमसे बहुत प्यार करता था, है और रहेगा कयान से भी। मेरी बच्ची कभी खुद को अकेला पाना तो अल्लाह को याद कर लिया करना और अपने दीन पर ही कायम रहना और अपने भाई को भी कायम रहने की सीख देना। सिर्फ अल्लाह को मानना और अल्लाह से मांगना वही तुम्हारी हर मदद करेगा सच्चे दिल से मांगना अल्लाह से। तुम्हारी मां तुम्हें पेट में ही मारना चाहती थी। फिर जब तुम 4 साल की थी तब किसी के साथ जा रही थी तुम्हें अकेला छोड़ के मेरी बच्ची अल्लाह से मेरे लिए माफी मांगती रहना। और तुम भी मुझे माफ कर देना। अपने भाई का खयाल रखना। I Love u"।