श्री आत्म वल्लभ जैन कॉलेज : मांग को लेकर धरने पर कर्मचारी

भास्कर न्यूज| लुधियाना श्री आत्म वल्लभ जैन कॉलेज में 15 साल से कार्यरत सीनियर असिस्टेंट कुल भूषण शर्मा को कॉलेज मैनेजमेंट द्वारा नौकरी से निकालने का मामला सामने आया है। इसके विरोध में कुल भूषण शर्मा कॉलेज परिसर में धरने पर बैठ गए और इंसाफ की मांग की। धरने पर बैठे कुल भूषण शर्मा ने बताया कि उनकी नियुक्ति एक अगस्त 2011 को पंजाब यूनिवर्सिटी के नियमानुसार क्लर्क पद पर स्थायी रूप से हुई थी। इसके बाद वर्ष 2016 में पंजाब यूनिवर्सिटी के नियमों के तहत उन्हें सीनियर असिस्टेंट पद पर पदोन्नत किया गया। कुल भूषण शर्मा का आरोप है कि 6 जनवरी को पंजाब यूनिवर्सिटी के नियमों की अनदेखी करते हुए उनका ट्रांसफर एसएएन जैन स्कूल में कर दिया गया। इस फैसले के खिलाफ उन्होंने पंजाब एजुकेशनल ट्रिब्यूनल में अपील दायर की। उन्होंने बताया कि 3 दिसंबर 2024 को पंजाब एजुकेशनल ट्रिब्यूनल ने मैनेजमेंट के ट्रांसफर आदेश को गलत करार देते हुए उन्हें वापस कॉलेज भेजने के आदेश दिए। इसके बाद 3 जनवरी 2025 को कॉलेज में दोबारा ज्वाइन करवाया गया। कुल भूषण शर्मा का कहना है कि कॉलेज में दोबारा ज्वाइन करवाने के बाद 15 जनवरी 2026 तक उन्हें कोई काम नहीं दिया गया और एक अलग कमरे में बैठा दिया गया। इसी दौरान उन पर नौ आरोप लगाए गए और कॉलेज कमेटी ने जांच अधिकारी नियुक्त किया। कुल भूषण शर्मा का दावा है कि जांच में उनके खिलाफ कुछ भी साबित नहीं हो पाया और इसके सभी सबूत उनके पास मौजूद हैं। इसके बावजूद मैनेजमेंट ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया। पिछले 15 वर्षों से उन्हें नियमानुसार पूरी तनख्वाह भी नहीं मिली। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के वाइस चांसलर, पंजाब के मुख्यमंत्री और डिप्टी कमिश्नर से इंसाफ की मांग की है। वहीं कॉलेज मैनेजमेंट की ओर से एडमिनिस्ट्रेशन सेक्रेटरी भूषण जैन ने कहा कि कुल भूषण शर्मा पिछले तीन वर्षों से अपनी पोस्ट का दुरुपयोग कर रहे थे। इस संबंध में जांच कमेटी गठित की गई थी और कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।