जोन-डी में नगर निगम मुर्दाबाद के नारे गूंजे, 208 फ्लैट्स को लेकर गरीबों ने किया प्रदर्शन
- Neha Gupta
- Jun 16, 2026
भास्कर न्यूज | लुधियाना हैबोवाल स्थित जैन स्थानक में रविवार को नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप करवाया गया। एसएस जैन सभा हैबोवाल के तत्वावधान और श्री महावीर जैन युवक मंडल हैबोवाल की ओर से आयोजित इस धार्मिक समागम में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता की। सभी श्रद्धालुओं ने एकाग्रचित्त होकर पंच परमेष्ठी भगवान की वंदना की और जाप कर धर्मलाभ उठाया। समागम में उपस्थित समाजजनों ने जिनशासन की उन्नति और विश्व कल्याण की मंगलकामना की। इस दौरान नई पीढ़ी को नैतिक मूल्यों से जोड़ने के लिए आयोजित जैन संस्कार शिविर 2026 के प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किया गया। शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले, अनुशासित रहने वाले और सक्रिय सहभागिता निभाने वाले बच्चों को विशेष पुरस्कृत किया गया। ब्राह्मी जैन युवती मंडल की चेयरमैन मनु जैन, अध्यक्ष ममता जैन, सेक्रेटरी निशिका जैन, रीना जैन, दिशा जैन, ममता जैन, रुचि जैन, भावना जैन और शीना जैन ने बच्चों को जैन धर्म, प्रार्थना, नैतिक शिक्षा और व्यक्तित्व विकास से संबंधित विषयों का प्रशिक्षण दिया। इस दौरान अल्पाहार की व्यवस्था की गई थी। एसएस जैन सभा के संरक्षक कपिल जैन, चेयरमैन सुरिंदर मोहन जैन, प्रधान पंकज जैन, महासचिव राजीव जैन और कोषाध्यक्ष प्रवीन जैन मुख्य रूप से उपस्थित रहे। श्री महावीर जैन युवक मंडल के संरक्षक पुनीत जैन, प्रधान भूपेश जैन, महासचिव डॉ. दीपक जैन, कोषाध्यक्ष देवांश जैन और उपप्रधान रजत जैन ने सहयोगी संस्थाओं श्री पार्वती जैन महिला मंडल, श्री ब्राह्मी जैन युवती मंडल और श्री सुन्दरी जैन युवती मंडल, हैबोवाल और सभी श्रद्धालुओं का धन्यवाद किया। बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित करते सदस्य। बच्चों को मोबाइल से दूर कर अच्छे संस्कारों से जोड़ने का बड़ा प्रयास समागम में सबसे खास और सराहनीय प्रयास जैन संस्कार शिविर 2026 के रूप में देखने को मिला। आज के आधुनिक दौर में जब बच्चे ज्यादातर समय मोबाइल और गैजेट्स में व्यस्त रहते हैं ऐसे में जैन समाज के इस विशेष शिविर ने बच्चों को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने का एक बड़ा काम किया है। शिक्षिकाओं की टीम ने अत्यंत सरल और व्यावहारिक पद्धतियों के माध्यम से बच्चों को न केवल धर्म के मूल सिद्धांत सिखाए बल्कि दैनिक जीवन में काम आने वाली अच्छी आदतें और नैतिक शिक्षा के गुर भी दिए। समाज के प्रबुद्ध जनों का मानना है कि बचपन में बोए गए ये नैतिक मूल्य आगे चलकर एक सुसंस्कृत समाज के निर्माण में मील का पत्थर साबित होंगे। यही कारण रहा कि इस अनूठे प्रयास की पूरे समागम के दौरान विशेष रूप से सराहना हुई। {पहले दिन ही अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश: विरोध-प्रदर्शन के बीच पदभार संभालने वाले 2020 बैच के आईएएस अधिकारी ओजस्वी अलंकार ने कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद निगम की विभिन्न शाखाओं के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और नागरिकों को पारदर्शी एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। अलंकार ने स्पष्ट किया कि शहर में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाना, मानसून की तैयारियां, नागरिक सेवाओं में सुधार, सरकार की प्रमुख योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और विकास कार्यों में तेजी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस के नेतृत्व में चल रहे मिशन क्लीन पंजाब के तहत व्यापक सफाई अभियान भी चलाए जाएंगे। गलाडा से निगम कमिश्नर बनकर आए ओजस्वी अलंकर ने कहा कि लुधियाना उनका अपना शहर है और वे यहां की समस्याओं व चुनौतियों से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने शहरवासियों से निगम का सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन और जनता के सामूहिक प्रयासों से ही शहर को बेहतर बनाया जा सकता है। हालांकि, नए कमिश्नर के सामने पहले ही दिन यह संदेश भी साफ हो गया कि शहर में केवल सफाई और विकास ही नहीं, बल्कि आवास, पुनर्वास और जनहित से जुड़े विवाद भी उनकी बड़ी चुनौतियों में शामिल रहने वाले हैं। पहले ही दिन निगम के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोगों ने संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में प्रशासनिक फैसलों की असली परीक्षा जमीन पर ही होगी। भास्कर न्यूज | लुधियाना नगर निगम लुधियाना के नए कमिश्नर ओजस्वी अलंकार ने सोमवार को पदभार संभाल लिया, लेकिन उनकी पारी की शुरुआत होते ही निगम के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन और मुर्दाबाद के नारों के बीच हुई। शहर के जोन-डी कार्यालय में जहां नए कमिश्नर को दोपहर करीब 1 बजे कार्यभार ग्रहण करना था, वहीं उससे पहले वार्ड नंबर-26 के पार्षद गौरव भट्टी की अगुवाई में राजीव गांधी कॉलोनी और बीएसयूपी स्कीम से जुड़े गरीब एवं मजदूर परिवार निगम प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठ गए। धरनाकारियों का आरोप था कि नगर निगम द्वारा आवंटित किए गए 208 फ्लैटों को अब जबरन खाली करवाने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई, जिससे नए कमिश्नर के आगमन से पहले ही माहौल गर्मा गया। धरने के कारण ओजस्वी अलंकार को निर्धारित समय पर जोन-डी कार्यालय पहुंचने के बजाय कुछ समय के लिए डीसी कार्यालय में ही रुकना पड़ा। मौके पर जोनल कमिश्नर जसदेव सिंह सेखों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और स्थिति संभालने का प्रयास किया। दिलचस्प बात यह रही कि मामला जोन-सी क्षेत्र से जुड़ा होने के बावजूद प्रदर्शन जोन-डी कार्यालय के बाहर हुआ। सूत्रों के अनुसार, जोन-डी के अधिकारियों ने मामले से जुड़े जोन-सी के जोनल कमिश्नर गुरपाल सिंह को बातचीत के लिए बुलाने की कोशिश की, लेकिन उनका फोन नहीं उठ सका। काफी देर तक चली बातचीत के बाद प्रदर्शनकारियों को कार्रवाई न होने का आश्वासन देकर शांत कराया गया, जिसके बाद वे वहां से लौट गए। इसके बाद करीब 1.30 बजे नए निगम कमिश्नर ओजस्वी अलंकार जोन-डी कार्यालय पहुंचे, जहां वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया और पंजाब पुलिस के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। धरने की अगुवाई कर रहे पार्षद गौरव भट्टी ने आरोप लगाया कि ढंडारी स्थित 208 फ्लैट नगर निगम की एफएंडसीसी बैठक में विधिवत मंजूर किए गए थे और ड्रा प्रक्रिया के माध्यम से पात्र परिवारों को आवंटित किए गए थे। उन्हीं आदेशों के आधार पर गरीब एवं मजदूर परिवारों को वहां बसाया गया था। भट्टी ने दावा किया कि अब कुछ अधिकारी राजनीतिक दबाव में आकर इन परिवारों को फ्लैट खाली करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। उन्होंने इसे गैरकानूनी और अमानवीय बताते हुए कहा कि इन परिवारों में मजदूर, बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे शामिल हैं, जिन्हें बेघर करने की कोशिश सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि फ्लैट खाली करवाने की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए, संबंधित अधिकारियों की निष्पक्ष जांच हो और किसी भी परिवार को बिना वैधानिक प्रक्रिया तथा पुनर्वास के बेदखल न किया जाए। जोन-डी के बाहर लोगो ने किया विरोध-प्रदर्शन।

