पंजाबी महिला सरबजीत पर लाहौर हाईकोर्ट सख्त:सरकार से 2 हफ्ते में जवाब मांगा, पूछा- इसे किसके हवाले किया, सिख समुदाय को क्या नुकसान हुआ

पाकिस्तान में निकाह करने वाली पंजाबी महिला सरबजीत कौर को लेकर लाहौर हाईकोर्ट ने सख्त रुख दिखाया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में पाकिस्तान सरकार से 2 हफ्ते के भीतर विस्तृत जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा कि सरबजीत भारत से आए सिख जत्थे से अलग कैसे हुई?। उसको भारत वापस भेजने यानी डिपोर्टेशन की क्या स्थिति है?। उसे कानूनी तौर पर किसके हवाले किया गया और जिन पुलिस अफसरों की लापरवाही रही, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। इसके साथ ही ट्रैवल वीजा से सिख समुदाय को हुए नुकसान के बारे में भी पूछा गया है। बता दें कि सरबजीत कौर 4 जनवरी को सिख जत्थे के साथ पाकिस्तान में सिख गुरुओं से जुड़े स्थानों के दर्शन के बहाने गई थी लेकिन बाद में वह गायब हो गई। फिर उसने मुस्लिम धर्म अपनाकर अपना नाम नूर फातिमा रखा और मुस्लिम व्यक्ति से निकाह कर लिया। निकाहनामा के दस्तावेज और निकाह की वीडियो सामने आने के बाद इसका खुलासा हुआ। इसके बाद उसे पाकिस्तान के ननकाना साहिब जिले से पकड़कर लाहौर के दारुल अमान शेल्टर होम में रखा गया है।