5 दिन बाद मिली लापता पुलिस कांस्टेबल की लाश:गाड़ी से 15 किमी. दूर बरामद हुई लाश, परिवार ने हत्या का दावा कर सिविल अस्पताल के बाहर दिया धरना
- DSS Admin
- Jun 15, 2026
पठानकोट में 5 दिन पहले लापता हुए पंजाब पुलिस के कॉन्स्टेबल की लाश सोमवार दोपहर बाद सिंबली-माजरा नहर से बरामद हुई। मृतक की पहचान 22 वर्षीय युवराज निवासी इंदिरा कॉलोनी के रूप में हुई है। युवराज की लाश मिलने के बाद परिवार ने उसकी हत्या का अंदेशा जताया और पुलिस प्रशासन पर कार्रवाई ना करने का आरोप लगाकर सिविल अस्पताल के बाहर धरना लगा दिया। समाचार लिखे जाने तक परिवार और रिश्तेदार सिविल अस्पताल के बाहर धरने पर बारिश के बावजूद डटे रहे। परिवार का आरोप है कि सरना निवासी एक परिवार ने उसका कत्ल किया है या उसे मरने को मजबूर किया है। लेकिन, पुलिस उसे आत्महत्या बता रही है। वहीं, इस पूरे मामले पर पुलिस ने पूरी तरह चुप्पी साध ली है। धरने से लगा लंबा जाम बता, दें परिवार ने सिविल अस्पताल के सामने ओल्ड शाहपुर रोड पर सैंकड़ों लोगों के साथ धरना दे दिया। जिससे पूरा ट्रैफिक बाधित हो गया। अब तक पहुंचे कई पुलिस कर्मचारियों ने परिवार को समझाने का प्रयास किया। लेकिन, प्रदर्शनकारी नहीं माने और धरना जारी रखा। जिससे अस्पताल के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। परिवार एक ही मांग पर अड़ा रहा कि पहले युवराज के कातिलों पर मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए, उसके बाद ही धरना उठाया जाएगा। 11 जून से लापता था युवराज, यूबीडीसी किनारे मिली थी थार बता दें, 11 जून को घर से ड्यूटी पर गया। लेकिन, फिर वापिस नहीं आया। अगले दिन परिवार को सूचना मिली की युवराज की थार यूबीडीसी किनारे खड़ी मिली। जिसके बाद संभावना जताई गई थी कि युवराज ने नहर में छलांग लगाई है। पिछले 5 दिन से एसडीआरएफ और गोताखोरों की ओर से यूबीडीसी में उसकी तलाश की जा रही थी। जिसकी लाश सोमवार को मिली। गुरदासपुर में तैनात था युवराज युवराज के भाई नितिन ने बताया कि युवराज पंजाब पुलिस में कार्यरत है और उसकी ड्यूटी गुरदासपुर थाने में थी। उन्होंने बताया कि युवराज पिछले 5 दिनों से लापता था तथा उनका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था। नितिन के अनुसार युवराज की थार गाड़ी धीरा पुल के समीप नहर किनारे खड़ी मिली, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर थाने में खड़ा कर दी थी। लेकिन, उसकी तलाश में संजीदगी नहीं दिखाई गई। परिवार को फोन पर मिली सूचना नितिन ने बताया कि 11 तारीख को घर से बिना बताए निकला युवराज वापिस नहीं लौटा। परिवार उसकी तलाश कर रहा था कि उन्हें 11 की देर शाम किसी व्यक्ति का फोन आया था, जिसने बताया कि युवराज की गाड़ी धीरा पुल नहर के पास खड़ी है। जिसके बाद परिवार वहां पहुंचा और पुलिस को शिकायत देकर युवराज को जल्द से जल्द खोजने की मांग की थी। थार से 15 किमी. दूर मिली लाश बता दें, यूबीडीसी के किनारे जहां 11 जून को युवराज की थार खड़ी मिली थी। सोमवार को लाश वहां से लगभग 15 किमी. दूर सिंबली-माजरा की नहर में मिली। परिवार ने आरोप लगाया कि युवराज को मार कर नहर में फैंका गया या फिर उसे मरने के लिए मजबूर किया गया। परिवार ने ये आरोप भी लगाया कि पुलिस ने परिवार के कहे अनुसार धीरा नहर के आसपास तलाश नहीं की। अगर समय रहते तलाश शुरू की जाती तो लाश की ये हालत ना होती। मां बोली- मेरे बेटे का किया गया कत्ल मृतक युवराज की मां पूजा ने बिलखते हुए बताया कि उसका बेटा उसे बताता था कि उसे परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरना के कुछ लोग युवराज से रंजिश रखते थे। पुलिस को बयान दर्ज करवाए गए थे। लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई। आज लाश मिली है। पुलिस युवराज के कातिलों को बचाने में लगी है। पिता की जगह 2 साल पहले मिली थी नौकरी बता दें, युवराज के पिता भी पंजाब पुलिस में थे। उनकी मौत 4 साल पहले हुई। जिसके बाद युवराज को 2 साल पहले 2024 में पिता की जगह पंजाब पुलिस में नौकरी मिल गई। युवराज की गुरदासपुर में पहली पोस्टिंग थी।

