पटियाला में मुआवजे-बिजली कानून पर आंदोलन:DC दफ्तरों पर दो दिन किसानों का प्रदर्शन, सीएम पर अनदेखी का आरोप
- Admin Admin
- Jan 18, 2026
अमृतसर में अपनी मांगों को लेकर अडिग किसानों ने मुआवजे और बिजली कानून के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राज्य भर के डीसी दफ्तरों के बाहर दो दिनों तक चला भारी धरना प्रदर्शन, 20 तारीख को 'रेल रोको' आंदोलन के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान किसानों ने सरकार के रवैये को लेकर गहरा रोष प्रकट किया और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर बातचीत से भागने का गंभीर आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी किसान नेताओं ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों के साथ संवाद करने के बजाय दूरियां बना ली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 22, 30 और 7 तारीख को प्रस्तावित तीन महत्वपूर्ण बैठकों से मुख्यमंत्री ने किनारा कर लिया। किसानों का कहना है कि सरकार की इस बेरुखी ने उन्हें सड़कों पर उतरने और अंततः रेल मार्ग बाधित करने के लिए मजबूर किया है। पुलिस के पहरे में रैलियां और लोकतंत्र पर सवाल मजीठा में पुलिस की कड़ी निगरानी के बीच आयोजित रैली में वक्ताओं ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की रैलियां अब पुलिस के भारी पहरे में हो रही हैं। वक्ताओं ने तंज कसते हुए कहा कि पंजाब की जनता ने ऐसी सरकार के लिए वोट नहीं दिया था, जो जनता की आवाज सुनने के बजाय विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए पुलिस बल का सहारा ले। नेताओं की गिरफ्तारी पर दी चेतावनी किसान संगठनों ने सरकार पर पुलिस बल का दुरुपयोग कर नेताओं को डराने और जेल में डालने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि भले ही सरकार नेताओं को हिरासत में ले ले, लेकिन 'केएम' (किसान मजदूर) की ओर से नए 'योद्धा' बनकर लोग सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि जनता की अदालत एक दिन सरकार को न्याय के लिए मजबूर कर देगी और तानाशाही का अंत होगा। सामान की चोरी और उत्पीड़न का दावा प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपने साथ हुए कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थलों से उनकी ट्रॉलियां, टेंट और सिलेंडर चोरी हो गए या गायब कर दिए गए। किसानों ने इसे आंदोलन को कमजोर करने की साजिश बताते हुए कहा कि ट्रॉलियों का सामान और संसाधन जमीन से ऐसे गायब हो रहे थे जैसे उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा हो। एकजुटता का आह्वान अंत में, किसान नेताओं ने पंजाब के लोगों से अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल किसानों की नहीं बल्कि हर उस नागरिक की है जो अपने हक के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता का यह संघर्ष अंततः कामयाब होगा और सरकार को झुकना ही पड़ेगा।



