चंडीगढ़ कार डीलर राजेश चोपड़ा हत्याकांड:GRP के हाथ लगी कार, गाड़ी में हत्या कर कुरुक्षेत्र शव फेंकने का दावा, फोरेंसिक टीम ने लिए फिंगरप्रिंट

हरियाणा के कुरुक्षेत्र में चंडीगढ़ के कार डीलर राजेश चोपड़ा हत्याकांड के आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है। घटना के 3 दिन बाद भी राजकीय रेलवे पुलिस कुरुक्षेत्र (GRP) के हाथ खाली है। हालांकि GRP के हाथ एक कार जरूर लगी है, जिसे GRP ने अपने कब्जे में लिया है। चंडीगढ़ के सेक्टर-44 से बरामद इस कार की GRP ने फोरेंसिक जांच करवाई। फोरेंसिक टीम ने कार से फिंगरप्रिंट उठाए हैं। GRP का दावा है कि इस कार में राजेश चोपड़ा की हत्या करके शव को शाहाबाद में जीटी रोड के पास दंगल ग्राउंड में फेंक दिया। हत्या की वजह साफ नहीं उधर, अब तक हत्या की वजह साफ नहीं हो सकी है। GRP इस हत्याकांड की वजह पता नहीं कर पाई तो राजेश चोपड़ा के परिजन कुछ भी बताने का तैयार नहीं है। परिजनों ने राजेश के पास काम करने वाले मोनू पर उसकी हत्या का आरोप लगाया है। रस्म पगड़ी में होना था शामिल 14 जनवरी की रात राजेश उसके साथ काम करने वाले मोनू के साथ कार में रात करीब 10 बजे पंजाब के फाजिल्का जाने के लिए निकले थे। अगले दिन उनको अपने मामा की रस्म पगड़ी में शामिल होना था। रात को राजेश चोपड़ा ने अपने भांजे मोहित के पास रुकने का प्लान बनाया था। 14 जनवरी को बेटी के घर आए राजेश चोपड़ा हाल ही में चंडीगढ़ से मोहाली के सेक्टर-79 में शिफ्ट हुए थे। राजेश के दामाद शेखर साहनी ने बताया कि 14 जनवरी की दोपहर करीब 3:30 बजे उसके ससुर राजेश अपनी बेटी शीनम से मिलने चंडीगढ़ पहुंचे। शाम को शीनम को मोनू के साथ फाजिल्का जाने की बात कही थी। चिकन और शराब खरीदी मोहित ने बताया कि रात को उसकी अपने मामा से फोन पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान मोनू की आवाज आ रही थी। उन्होंने रास्ते में ठेके से शराब भी खरीदी थी। वहीं शेखर के मुताबिक, रात करीब 10 बजे उसके ससुर राजेश ने सेक्टर-40 के बारबेक्यू से चिकन खरीदा था। 12 बजे के बाद बंद हुआ फोन मोहित के मुताबिक, रात करीब 12 बजे उसकी राजेश से फोन पर बात हुई थी। उसके कुछ देर बाद उनका फोन बंद हो गया था। अगले दिन 15 जनवरी सुबह 11 बजे उसने अपनी बहन शीनम को राजेश के उसके पास नहीं पहुंचने की बात बताई।​ कुछ देर उनको राजेश का शव शाहाबाद में पड़ा होने की सूचना मिली। डेबिट कार्ड से हुई थी पहचान लिस को शव के पास 2 डेबिट कार्ड (ATM) बरामद हुए थे। एक कार्ड पर राजेश और दूसरे पर भारती शाह का नाम लिखा था। पुलिस ने इन कार्डों के जरिए शव की पहचान करके फैमिली को सूचना देकर बुलाया। 14 जनवरी को फैमिली ने कुरुक्षेत्र आकर शव की पहचान राजेश चोपड़ा के रूप में कर दी थी। पैसों की कलेक्शन का काम करता था मोनू शेखर ने पुलिस को बताया कि मोनू ने उसके ससुर की हत्या कर शव को शाहाबाद में फेंक दिया। मोनू हरियाणा का रहने वाला है। पिछले 2-3 महीनों से चंडीगढ़-मोहाली में पैसों की कलेक्शन का काम करता है। राजेश मोनू पर काफी भरोसा करते थे। अपना सारा लेन-देन का काम उसे सौंपते थे। मामले की जांच कर रहे- संजय कुमार GRP थाना कुरुक्षेत्र के इंचार्ज संजय कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हत्या की कोई वजह भी सामने नहीं आई है। पुलिस अपनी कोशिश में लगी है।