हरियाणा में 22 जिला अटॉर्नी प्रमोशन पर विवाद:एडवोकेट ने सरकार को नोटिस भेजा; बोले-ये BNSS की धारा का उल्लंघन, पे-लेवल पर भी सवाल
- Admin Admin
- Jan 13, 2026
हरियाणा सरकार के द्वारा हाल ही में 22 जिला अटॉर्नी के प्रमोशन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इसको लेकर अंबाला के एडवोकेट हेमंत कुमार ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने इन प्रमोशन को लेकर हरियाणा सरकार को कानूनी नोटिस भेजा है। उनका कहना है कि यह फैसला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 का उल्लंघन है। नोटिस में उन्होंने लिखा है कि हरियाणा के प्रशासनिक इतिहास में पहली बार एक साथ 22 ग्रुप-A विधि अधिकारियों को डबल प्रमोशन दिया गया है। इस फैसले से अधिकारियों के वेतन-भत्तों में एक झटके में भारी उछाल आया है। खास बात यह है कि प्रदेश में अब तक IAS और HCS अधिकारियों को भी एक साथ ऐसा बंपर लाभ कभी नहीं मिला। यह प्रमोशन 31 दिसंबर 2025 को गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के जरिए किया गया। यहां पढ़िए प्रमोशन का ऑर्डर... जिला अटॉर्नी से सीधे डिप्टी डायरेक्टर बनाए गए गृह विभाग के आदेश के मुताबिक, डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी (DA) पद पर कार्यरत 22 अधिकारियों को एक स्तर ऊपर असिस्टेंट डायरेक्टर ऑफ प्रॉसीक्यूशन (ADP) बनाने के बजाय, सीधे दो स्तर ऊपर डिप्टी डायरेक्टर ऑफ प्रॉसीक्यूशन (DDP) के पद पर पदोन्नत कर दिया गया।सरकारी सेवा में एक साथ दो पदों की छलांग को असाधारण और दुर्लभ माना जाता है। इन 22 अधिकारियों को मिला डबल प्रमोशन डिप्टी डायरेक्टर ऑफ प्रॉसीक्यूशन बनाए गए अधिकारियों में शामिल हैं, उनमें सुमन बंसल, सोहन सिंह, लेघा दीपक रणजीत, सतीश कुमार, आनंद मान, सुनील कुमार, सत्येंद्र कुमार, राजेश कुमार चौधरी, धर्मेंद्र राणा, मनोज कुमार, दीपक बूरा, हरपाल सिंह, अनीता, राजेश कुमार, परवेज, सुमेर सिंह, हितेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, मंजीत सिंह, अश्वनी कुमार चौधरी, सुरेश कुमार और पारुल चौहान का नाम शामिल है। वेतन में कितनी बढ़ोतरी हुई? पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट और प्रशासनिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार के मुताबिक 31 दिसंबर के आदेश में DDP का वेतनमान ₹1,23,100 से ₹2,15,900 दर्शाया गया है, जो कि डायरेक्टर ऑफ प्रॉसिक्यूशन से भी अधिक है। इस कथित विसंगति को लेकर उन्होंने 12 जनवरी को गृह विभाग की ACS डॉ. सुमिता मिश्रा को पत्र लिखकर मामला संज्ञान में लाया है। एडवोकेट का कहना है कि यानी एक साथ दो पे-लेवल की छलांग, जिससे मासिक वेतन में भारी बढ़ोतरी हुई है। नोटिस की कॉपी... BNSS 2023 के उल्लंघन का दावा एडवोकेट हेमंत कुमार ने इस प्रमोशन को लेकर हरियाणा सरकार को कानूनी नोटिस भेजा है। उनका कहना है कि यह फैसला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 का उल्लंघन है। BNSS की धारा 20(2)(a) के अनुसार, डिप्टी डायरेक्टर ऑफ प्रॉसीक्यूशन वही व्यक्ति बन सकता है, जो कम से कम 15 साल से वकालत कर रहा हो, या सेवारत/पूर्व सेशन जज हो।उनका आरोप है कि सीधे प्रमोशन देकर 15 साल या उससे अधिक अनुभव वाले प्राइवेट वकीलों को प्रतिस्पर्धा का मौका ही नहीं दिया गया। नियम बदले, लेकिन सीधी भर्ती का रास्ता बंद हेमंत कुमार के अनुसार, 18 दिसंबर 2025 को गृह विभाग ने हरियाणा राज्य अभियोजन विभाग विधिक सेवा (ग्रुप-A) नियमावली 2013 में संशोधन किया। इसमें ADP और DDP के पद जोड़े गए। संशोधन में कहा गया है कि DDP बनने के लिए 2 साल ADP के रूप में अनुभव जरूरी है, लेकिन पहले ADP का पद ही मौजूद नहीं था, इसलिए DA से सीधे प्रमोशन का रास्ता खोल दिया गया। हालांकि, 15 साल की प्राइवेट प्रैक्टिस वाले वकीलों और सेशंस जजों से सीधी भर्ती का कोई प्रावधान नहीं किया गया। हाईकोर्ट जाने की चेतावनी हेमंत कुमार ने कहा है कि यदि, 22 अधिकारियों की डबल प्रमोशन रद्द नहीं की गई, BNSS 2023 के अनुसार खुली भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो वह पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट मेंरिट याचिका या जनहित याचिका (PIL) दायर करेंगे।



