हरियाणा सरकार ने EWS की आय सीमा बढ़ाई:अब ₹8 लाख सालाना इनकम वाले परिवारों को भी आरक्षण का लाभ; नोटिफिकेशन जारी
- Admin Admin
- Jan 14, 2026
हरियाणा सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को राहत पहुंचाने वाला फैसला लिया है। सरकार ने EWS वर्ग में आरक्षण का लाभ लेने के लिए परिवारों की वार्षिक आय की सीमा 6 लाख रुपए से बढ़ाकर 8 लाख रुपए कर दी है। यह निर्णय केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। मुख्य सचिव कार्यालय (CSO) की ओर से इस संबंध में पत्र जारी किया गया। संशोधित आय सीमा राज्य में सिविल पदों व सेवाओं में प्रत्यक्ष भर्ती और सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए आरक्षण पर लागू होगी। गौरतलब है कि इससे पहले 25 फरवरी, 2019 को जारी आदेशों के तहत ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए सालाना आय सीमा 6 लाख रुपए निर्धारित की गई थी। इस विषय की समीक्षा के बाद, अब सरकार ने आय सीमा को बढ़ाकर 8 लाख रुपए प्रतिवर्ष करने का निर्णय लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आय सीमा में संशोधन के अलावा पूर्व में जारी निर्देश यथावत रहेंगे। सरकारी ऑर्डर की कॉपी... हरियाणा सरकार ने पिछले साल पॉलिसी लागू की हरियाणा सरकार ने अक्टूबर-2025 में EWS पॉलिसी लागू की। यह पॉलिसी उन लोगों के लिए बनाई गई है, जो वर्षों से किराए के मकानों, झुग्गियों या अस्थायी कमरों में रहकर अपने घर का सपना देख रहे थे। यह पॉलिसी हरियाणा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की ओर से तैयार की गई और इसे लागू करने की जिम्मेदारी ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ विभाग को दी गई। पॉलिसी के तहत आदेश दिया कि हर लाइसेंस प्राप्त कॉलोनी में 20% प्लॉट और हर ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में 15% फ्लैट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखे जाएंगे। इससे शहरी इलाकों में गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार भी मुख्यधारा की कॉलोनियों का हिस्सा बन सकेंगे। हरियाणा में EWS के ये फायदे हरियाणा EWS के तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में 10% आरक्षण, RTE के तहत मुफ्त शिक्षा (कक्षा 1-3 तक), चिराग योजना (कक्षा 4-12 तक) के तहत वित्तीय सहायता और आवास योजनाओं व सब्सिडी तक पहुंच जैसे कई फायदे मिलते हैं। हर साल रिन्यू होता है प्रमाणपत्र EWS प्रमाणपत्र आमतौर पर एक साल के लिए वैध होता है और इसे सालाना रिन्यू कराना पड़ता है। यह प्रमाण पत्र सामान्य वर्ग के उन परिवारों के लिए है, जिनकी आय निर्धारित सीमा के भीतर है। यह लाभ केंद्रीय और राज्य दोनों स्तर की योजनाओं के लिए मान्य है। इसकी अब आय सीमा 8 लाख रुपए तक कर दी गई है, जिससे अधिक परिवारों को लाभ मिल सकेगा।



