हरियाणा पुलिस सड़क हादसों का करेगी रिव्यू:दो मोबाइल एप बनकर तैयार; फोर आई फॉर्मेट के जरिए मिलेगी सफलता

हरियाणा पुलिस सड़क सुरक्षा और इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए एक ऐतिहासिक परिवर्तनकारी पहल शुरू कर रही है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास के सहयोग से विकसित संजया मोबाइल एप तथा बेसलाइन सर्वे एप की सहायता से अब सड़क दुर्घटनाओं का रिव्यू, अस्पतालों की वर्किंग, गोल्डन ऑवर के भीतर उपचार उपलब्धता और ब्लैक स्पॉट सुधार की प्रक्रिया एकीकृत डिजिटल प्रणाली के माध्यम से संचालित की जाएगी। यह पहल सड़क सुरक्षा को लेकर राज्य में एक नई कार्यप्रणाली स्थापित करेगी, जिसमें डेटा और तकनीक दोनों का उपयोग तेज, पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा। सतत प्रणाली लागू करना उद्देश्य डीजीपी अजय सिंघल ने बताया कि 2026 तक हरियाणा में एक ऐसा तंत्र स्थापित किया जाएगा, जिसमें दुर्घटना की सूचना मिलते ही जल्द से जल्द आवश्यक चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि हमारा विजन सड़क इंजीनियरिंग, इन्फोर्समेंट, इमरजेंसी मेडिकल रिस्पॉन्स और जन-जागरूकता इन चार फोर आई को आपस में समन्वित करते हुए एक मजबूत और सतत प्रणाली लागू करना है। उन्होंने कहा कि संजया ऐप जैसे तकनीकी प्लेटफॉर्म इस विजन का मुख्य आधार हैं, जिनके माध्यम से डेटा आधारित निर्णय, तेज प्रतिक्रिया और जवाबदेही को सुनिश्चित किया जाएगा। उनका लक्ष्य है कि हरियाणा सड़क सुरक्षा के मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण के रूप में प्रस्तुत कर सके। ब्लैक स्पॉट की पहचान करेगी संजया एप आईआईटी मद्रास द्वारा विकसित संजया एप के माध्यम से हाई फ्रीक्वेंसी एक्सीडेंट जोन और उभरते ब्लैक स्पॉट का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाएगा। यह ऐप आईआरडी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध दुर्घटना डेटा का उपयोग करते हुए उन स्थानों को दर्शाता है, जहां दुर्घटनाओं की संभावना अधिक होती है। इस तकनीक को अपनाने के लिए सभी जिलों को लॉगिन क्रेडेंशियल्स उपलब्ध करवाए जा चुके हैं और IIT मद्रास के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। इस तकनीक के इस्तेमाल से दुर्घटना संभावित क्षेत्र की पहचान और सुधार की कार्रवाई पहले की तुलना में अधिक तेज और सटीक होगी। पूरी प्रक्रिया होगी मॉनिटर, अस्पतालों की रेटिंग ​​​​​​​हरियाणा पुलिस और आईआईटी मद्रास द्वारा मिलकर तैयार की गई बेस लाइन सर्वे ऐप के माध्यम से प्रदेश के लगभग 1009 अस्पतालों को पंजीकृत किया गया है। यह ऐप अस्पतालों की रियल टाइम क्षमताओं जैसे ट्रॉमा केयर, विशेषज्ञ डॉक्टर, ब्लड बैंक की उपलब्धता और एम्बुलेंस मूवमेंट को अपडेट रखने का माध्यम बनेगा। हरियाणा पुलिस ने अस्पतालों की कार्यकुशलता को भी इस प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। प्रत्येक अस्पताल का आकलन उनके द्वारा दिए इलाज और घायल व्यक्ति के सर्वाइवल रेट के आधार पर किया जाएगा। जिन अस्पतालों में बेहतर उपचार उपलब्ध होगा उन्हें उच्च रेटिंग दी जाएगा, वहीं जहां लापरवाही या इलाज में देरी पाई जाएगी, वहां जिम्मेदारी तय की जाएगी। यह रेटिंग प्रणाली अस्पतालों को प्रतिस्पर्धी और उत्तरदायी बनाएगी तथा सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर और बेहतर चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करेगी।