पंचकूला में विपक्षी नेताओं के साथ चर्चा करेंगे CM:ऑल पार्टी मीटिंग बुलाएगी सरकार; 2.25 लाख बजट पहुंचने का अनुमान
- Admin Admin
- Jan 15, 2026
हरियाणा सरकार बजट से पहले ऑल पार्टी मीटिंग बुलाएगी। इसको लेकर 29 जनवरी को पंचकूला में सीएम नायब सैनी बजट को लेकर विपक्षी नेताओं से मंथन करेंगे। इसमें सभी विधायकों, विपक्षी नेताओं और निर्दलीय प्रतिनिधियों को शामिल होने के लिए न्योता भेजा जाएगा। विधायक अपनी क्षेत्रीय समस्याएं और विकास संबंधी सुझाव सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे, जिन्हें बजट में शामिल किया जा सके। प्री- बजट प्रक्रिया केवल विधानसभा तक सीमित नहीं है। लोकसभा व राज्यसभा सांसदों से भी सुझाव लिए जा सकते हैं। हाल ही में नई दिल्ली में हुई भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में सीएम ने अब तक हुई प्री-बजट बैठकों से जुड़े सुझावों पर चर्चा की। इसका उद्देश्य राजनीतिक, प्रशासनिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना है। सवा दो लाख करोड़ तक पहुंच सकता है बजट इस बार हरियाणा के बजट का अनुमान सवा दो लाख करोड़ रुपए तक लगाया जा रहा है, जो राज्य के वित्तीय इतिहास में नया रिकॉर्ड होगा। बजट का फोकस बुनियादी ढांचा, उद्योग, रोजगार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और सामाजिक कल्याण पर रहेगा। सरकार पहले से चल रही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष ध्यान दे रही है। CM लगातार कर रहे बजट को लेकर मीटिंग मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहले ही प्री-बजट बैठकों के माध्यम से उद्योगपतियों, व्यापारियों, विधायकों, सांसदों और विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधियों से सुझाव लेकर बजट की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। इस रणनीति का उद्देश्य बजट को केवल 'टॉप-डाउन' दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि वास्तविक समस्याओं और अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए 'ग्राउंड-अप अप्रोच से तैयार करना है। मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम, फरीदाबाद और नई दिल्ली में उद्योगपतियों, व्यापारियों और कॉर्पोरेट सेक्टर के प्रतिनिधियों के साथ बैठकों के माध्यम से बजट की दिशा तय करने के लिए सुझाव लिए, उनका उद्देश्य केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि विभिन्न वर्गों की वास्तविक अपेक्षाओं को बजट में शामिल करना है। CM के पास ही वित्त विभाग की जिम्मेदारी हरियाणा में वित्त मंत्रालय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पास ही है। पिछले वर्ष उन्होंने मौजूदा सरकार का पहला वार्षिक बजट स्वयं पेश किया था और फरवरी-मार्च में होने वाले बजट सत्र में भी वे ही हरियाणा सरकार का सालाना बजट विधानसभा में प्रस्तुत करेंगे, यह प्रशासनिक मॉडल नया नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भी अपने दूसरे कार्यकाल में वित्त मंत्रालय अपने पास रखते हुए लगातार पांच बजट खुद पेश किए थे। हरियाणा में प्री-बजट बैठकों की शुरुआत मनोहर लाल के दूसरे कार्यकाल में हुई थी। उस समय यह प्रयोग माना गया था, लेकिन अब यह सरकार की स्थापित कार्यशैली बन चुका है।



