हिसार में 282 फुट की ऊंचाई पर युवक का स्टंट,VIDEO:जिंदल टावर पर बीयर की बोतलों पर सिर के बल खड़ा हुआ; राजस्थान का रहने वाला
- Admin Admin
- Jan 19, 2026
हरियाणा के हिसार में बनाए गए प्रसिद्ध जिंदल टावर पर चढ़कर एक युवक के जान जोखिम में डालकर स्टंट करने का मामला सामने आया है। युवक टावर पर करीब 282 फुट की ऊंचाई तक चढ़ गया और वहां पर बीयर की बोतलों पर सिर रख कर स्टंट दिखाने लगा। युवक के 3 वीडियो भी सामने आए है। दो में वह बीयर की बोतल पर सिर रखकर स्टंट करता नजर आ रहा है। फिर हाथों से जाली पकड़कर नीचे हवा में लटक जाता है। दूसरी वीडियो में वह माफी मांग रहा है। लोगों से अपील कर रहा है कि ऐसे स्टंट जानलेवा साबित हो सकता है। युवक का यह स्टंट देख टावर की देखरेख करने वाली कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उसे काबू कर लिया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। टावर कर्मचारियों ने युवक को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस के अनुसार, युवक राजस्थान का रहने वाला है। उसने अपनी इस हरकत के लिए माफी मांगी ली है। जिंदल टावर युवक के स्टंट करते 3 PHOTOS.... यहां पढ़िए VIDEO में युवक कौन से कर रहे स्टंट... 112 डॉयल पुलिस ने पकड़ा तो माफी मांगता नजर आया इस स्टंट के बाद टावर संचालकों ने युवक को पकड़ लिया। टावर संचालक कुलदीप सिंह ने बताया कि युवक को डायल 112 के हवाले कर दिया गया है। इसके बाद पुलिस की हिरासत से युवक का एक और वीडियो वायरल किया जा रहा है, जिसमें वह कह रहा है कि आज मैं जिंदल टावर पर चढ़ा था। मैंने वहां बिना किसी सेफ्टी के वहां स्टंट किया, ये मेरी गलती है। आज के बाद मैं ऐसी गलती नहीं करूंगा। मैं इसके लिए माफी मांगता हूं। अब जानिए हिसार में बनाए गए टावर की खासियत... प्रसिद्ध उद्योगपति ओपी जिंदल की याद में बनाया गया है टावर हिसार का जिंदल टावर प्रसिद्ध उद्योगपति ओपी जिंदल की याद में बनाया गया है। यह एक हाइटेक स्मारक है, जिसे नवंबर 2005 में राष्ट्र को समर्पित किया गया था। यह 90 मीटर ऊंचा है, जिसमें 32 मीटर की एक ऊर्ध्वाधर 'ट्यूब' है, जहां से पूरे हिसार शहर का दृश्य दिखता है। साथ ही इसमें एक संग्रहालय, बच्चों का केंद्र और बगीचे भी हैं, ये हिसार का एक प्रमुख लैंडमार्क के रूप में जाना जाता है। तीन साल तक बंद रहा जिंदल टावर, तीन घंटे ही खोला जाता है जिंदल टावर तीन साल तक बंद रह चुका है। 9 मई 2023 में इसे फिर से खोला गया। 3 साल तक इस टावर की मरम्मत की गई थी। अब टावर को लोगों के लिए शाम 4:00 से रात 7:00 बजे तक शहरवासियों और दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों के लिए खोला जाता है। टावर पर दो मंजिला प्लेटफार्म बना रखा है, जहां 1500 लोग एक साथ खड़े होकर शहर का नजारा देखते हैं। टावर पर चढ़ने के लिए सीढ़ियां और लिफ्ट का भी प्रबंध किया गया है। सिक्योरिटी के लिए तैनात रहता है स्टाफ, हाइट पर लगी है सेफ्टी टावर पर आने वाले सैलानियों के लिए सिक्योरिटी की भी इंतजाम किया गया है। टावर पर जहां से खड़े होकर सैलानी जहां से शहर का नजारा देखते है, वहां लोहे का मजबूत बेस बनाया गया है। इसके चारों ओर लोगों की जाली लगाई गई है, ताकि लोग किनारों से दूर रहे। इस जाली से किनारों की दूरी भी ठीक-ठाक है, जहां किसी को जाने नहीं दिया जाता।



