रेवाड़ी में राव नरबीर का राव इंद्रजीत को करार जवाब:बोले- भाजपा से जो इन्हें मिला देश में किसी को नहीं मिला; 5 विधायकों से CM नहीं बनते

हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा-भाजपा ने जो सम्मान राव इंद्रजीत सिंह के परिवार को दिया है, वैसा शायद देश में कहीं किसी को नहीं मिला होगा। अब उनकी क्या इच्छा पूरी नहीं हुई, ये मैं नहीं जानता। असल में, 14 जनवरी राजस्थान के झुंझनू में हुए एक कार्यक्रम के दौरान राव इंद्रजीत ने कहा था-'हमने बार-बार सरकारें बनवाई, लेकिन कभी वाजिब इनाम नहीं मिला।' राव इंद्रजीत के इस भाषण का वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इसी का जवाब अब राव नरबीर सिंह ने दिया। राव नरबीर शुक्रवार को खेड़ा आलमपुर में एक कार्यक्रम में आए थे। जब उनसे राव इंद्रजीत को वाजिब इनाम न मिलने की बात पर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा-भाजपा ने केंद्र में पिता और प्रदेश में बेटी को मंत्री बनाकर बड़ा सम्मान दिया है। भारतीय जनता पार्टी में देश में ऐसा शायद ही कहीं देखने को मिले। राव नरबीर ने इंद्रजीत को लेकर 3 बड़ी बातें कहीं... दक्षिण हरियाणा में मिली जीत, किसी व्यक्ति विशेष क नहीं : राव नरबीर ने कहा-राव इंद्रजीत सिंह के वजूद को कोई नकारा नहीं जा सकता, लेकिन दक्षिणी हरियाणा (अहीरवाल बेल्ट) में मिली जीत किसी एक व्यक्ति विशेष नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की नीतियों और कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है। यहां बता दें कि राव इंद्रजीत कई बार मंचों से कह चुके हैं कि हमने हवा बनाई, तब जाकर भाजपा सत्ता में हैट्रिक लगा पाई। सीएम पार्टी बनाती है, 5 विधायक नहीं : राव नरबीर ने कहा कि जहां तक राव इंद्रजीत सिंह के सीएम बनाने का सवाल है, तो यह फैसला पार्टी का होता है। कोई एक या पांच विधायक मुख्यमंत्री नहीं बना सकते। भाजपा सरकार ने अपने 11 साल के शासनकाल में दक्षिणी हरियाणा में सबसे ज्यादा नौकरी दी हैं। दक्षिणी हरियाणा के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, पहले की सरकारों में खर्ची पर्ची के कारण उन्हें मौका नहीं मिल पाता था। नहीं पता कि इंद्रजीत सिंह की कौन सी इच्छा अधूरी : राव नरबीर ने कहा-भाजपा ने जो सम्मान राव इंद्रजीत सिंह के परिवार को दिया है, वैसा शायद देश में कहीं नहीं मिला होगा। उनकी क्या इच्छा पूरी नहीं हुई, मैं नहीं जानता। पूर्व मंत्री अभय सिंह का बचाव करते हुए राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रजातंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। दोनों परिवारों के बीच पुरानी राजनीतिक अदावत अहीरवाल की राजनीति में रामपुरा हाउस और बुढपुर हाउस के बीच पुरानी राजनीतिक अदावत है। राव तुलाराम के राजनीतिक वारिस बने पूर्व मुख्यमंत्री राव बीरेंद्र सिंह रामपुरा और राव मोहर सिंह बुढपुर हाउस के मुखिया रहे हैं। अभी रामपुरा हाउस की कमान राव इंद्रजीत सिंह और बुढपुर हाउस की कमान राव नरबीर सिंह के हाथों में है। दक्षिणी हरियाणा की राजनीति में राव इंद्रजीत सिंह का खासा प्रभाव है और अधिकतर नेताओं का राजनीतिक करियर राव इंद्रजीत सिंह के इर्द गिर्द ही घूमता रहा है। राव नरबीर सिंह या यूं कहें कि बुढपुर हाउस ने कभी राव इंद्रजीत सिंह का नेतृत्व स्वीकार नहीं किया। जिस कारण राव इंद्रजीत सिंह और राव नरबीर सिंह के बीच अक्सर राजनीतिक वाकयुद्ध देखने को मिलता रहा है। राव नरबीर कह चुके- अकेले चुनाव नहीं जीत पाते राव नरबीर सिंह ने पिछले दिनों एक कार्यक्रम में कहा था कि मेरे हलके (बादशाहपुर) से बड़ी लीड नहीं मिलती तो गुरुग्राम लोकसभा सीट पर राव इंद्रजीत सिंह की जीत संभव नहीं थी। राव नरवीर सिंह बिना नाम लिए भ्रष्टाचार को लेकर भी अक्सर राव इंद्रजीत सिंह को घेरते रहते हैं। मानेसर में मेयर के चुनाव को लेकर भी दोनों में मतभेद खुलकर सामने आए थे। राव नरवीर सिंह ने दक्षिणी हरियाणा में भाजपा को मिली जीत का श्रेय सामूहिक प्रयासों को दिया था। इंद्रजीत ने दिया था जवाब राव इंद्रजीत सिंह ने गुरुग्राम में बिना नाम लिए राव नरवीर सिंह को जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि जो व्यक्ति खुद भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में रहा हो, उसे दूसरों के बारे में बोलने का हक नहीं हो सकता। राव इंद्रजीत सिंह दक्षिणी हरियाणा में भाजपा को मिली जीत का श्रेय भी खुद लेते रहे हैं। आरती बोलीं- विरोधियों को भी उनकी जरूरत आरती राव ने बुधवार को रेवाड़ी में कहा था कि राव इंद्रजीत सिंह दक्षिणी हरियाणा नहीं, बल्कि प्रदेश के बड़े नेता हैं। राव इंद्रजीत सिंह का खुद का वजूद इतना बड़ा है कि उन्हें किसी के सहारे की जरूरत नहीं है। हां, उनका विरोध करने वालों को आज भी राव इंद्रजीत सिंह के वजूद की जरूरत पड़ती है। चर्चा में दक्षिणी हरियाणा के दिग्गजों के बयान दक्षिणी हरियाणा में राव इंद्रजीत सिंह और राव नरबीर सिंह की बयानबाजी चर्चा में है। कभी राव इंद्रजीत सिंह तो कभी राव नरबीर बिना नाम लिए अपने बयानों से एक दूसरे पर वार-पलटवार करते आ रहे हैं। दोनों नेताओं के समर्थक भी इसमें पीछे नहीं है। इसमें तीन दिन पहले विरोधियों के वजूद पर सवाल उठाकर आरती राव ने भी एंट्री मार ली थी। ऐसे में शुक्रवार को राव नरवीर के रेवाड़ी दौरे पर राजनीतिक विश्लेषकों की नजर लगी हुई थी। नरबीर और सुधा से हार चुके इंद्रजीत सिंह - राव इंद्रजीत सिंह 1977 में पहली बार जाटूसाना से विधायक बने। यहां से राव इंद्रजीत सिंह चार बार विधायक बने। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। -राव नरबीर सिंह ने 1987 में पहली बार चुनाव मैदान में उतरे लोकदल की टिकट पर राव इंद्रजीत सिंह को हराया। -राव इंद्रजीत सिंह 2025 में गुरुग्राम से लगातार चौथी बार सांसद बने। लगातार तीसरी योजना में मोदी सरकार में राज्यमंत्री हैं। इससे पहले मनमोहन सरकार में राज्यमंत्री रहे हैं। -राव इंद्रजीत सिंह महेंद्रगढ़ से भी सांसद रहे हैं। 1998 में भाजपा की सुधा यादव ने महेंद्रगढ़ लोकसभा से राव इंद्रजीत सिंह को हराया था। -राव नरबीर सिंह जाटूसाना, सोहना से एक-एक बार और बादशाहपुर से दो बार चुनाव जीत चुके हैं। 1987 में पहली बार विधायक बने नरबीर लोकदल सरकार में सबसे कम उम्र के मंत्री बने थे। -राव नरबीर सिंह गुरुग्राम से लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं और फिलहाल नायब सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।